चंडीगढ़ , 25 अगस्त 2026 । पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद चरणजीत सिंह चन्नी से जुड़ी परीक्षा हॉल की एक कथित तस्वीर को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। मामले में चंडीगढ़ के पूर्व मेयर ने कार्रवाई की मांग करते हुए संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा है। उन्होंने परीक्षा नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए चरणजीत सिंह चन्नी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है।
उन्होंने पंजाब के गवर्नर, राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान से भी इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। दावेश मौदगिल ने परीक्षा कक्ष में तस्वीर लिए जाने पर आपत्ति जताई और यूनिवर्सिटी के ‘अनुचित साधनों के मामलों’ (UMC) से जुड़े नियमों के तहत कार्रवाई की मांग की।
दावेश मौदगिल ने कहा कि चरणजीत सिंह चन्नी की एग्जाम हॉल में ली गई तस्वीर यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियमों के संभावित उल्लंघन का मामला है। उन्होंने कहा कि इस तस्वीर से गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
मामला परीक्षा केंद्र से जुड़ी कथित तस्वीर के सामने आने के बाद चर्चा में आया। आरोप है कि परीक्षा हॉल में मौजूदगी के दौरान तस्वीर खींची गई और बाद में यह सार्वजनिक हो गई। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल को लेकर आम तौर पर कड़े नियम लागू होते हैं, इसलिए इस घटना ने परीक्षा व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
चंडीगढ़ के पूर्व मेयर ने अपने पत्र में पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अधिकारियों से यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि परीक्षा केंद्र में तस्वीर कैसे ली गई और क्या किसी निर्धारित नियम का उल्लंघन हुआ।
मामले में FIR दर्ज होगी या नहीं, यह जांच और संबंधित अधिकारियों के निर्णय पर निर्भर करेगा। केवल शिकायत या FIR की मांग किए जाने से आरोप साबित नहीं हो जाते। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वास्तव में परीक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ था या नहीं और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
चरणजीत सिंह चन्नी की ओर से इस विवाद पर क्या स्पष्टीकरण दिया जाता है, यह भी महत्वपूर्ण होगा। यदि तस्वीर की सत्यता और परिस्थितियों की पुष्टि होती है तो परीक्षा प्रशासन की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
इस विवाद ने परीक्षा केंद्रों में सुरक्षा व्यवस्था, मोबाइल फोन के इस्तेमाल और प्रभावशाली व्यक्तियों के लिए नियमों के समान अनुपालन को लेकर बहस छेड़ दी है। अब सबकी नजर जांच और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है।