रोहतक , 25 अगस्त 2026 । डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को एक बार फिर पैरोल मिलने के बाद वह रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर आया। रिपोर्टों के मुताबिक, यह 17वीं बार है जब राम रहीम जेल से बाहर आया है। पैरोल पर रिहाई के बाद वह सिरसा पहुंचा, जहां उसके समर्थकों के बीच हलचल देखने को मिली।
रेप मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे राम रहीम को 21 दिन की पैरोल मंजूर हुई है। जेल से निकलकर राम रहीम सिरसा पहुंचेगा। यह 17वीं बार है जब राम रहीम जेल के बाहर आया है। पहले राम रहीम 16 बार जेल से बाहर आ चुका है। इससे पहले 26 मई को गुरमीत राम रहीम को 30 दिन की पैरोल मिली थी। इसी साल जनवरी में उसे 40 दिन की पैरोल मिली थी, जिसके बाद वह 15 फरवरी को वापस सुनारिया जेल लौटा था।
गुरमीत राम रहीम को बार-बार पैरोल मिलने को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। विपक्षी दलों और कई सामाजिक संगठनों ने पहले भी इस पर आपत्ति जताई है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि पैरोल नियमों के तहत दी जाती है। 15 सितंबर 2025 को भी राम रहीम को 40 दिनों की पैरोल मिली थी।
राम रहीम के जेल से बाहर आने की खबर सामने आते ही उसके समर्थकों में भी सक्रियता बढ़ गई। वह कड़ी सुरक्षा के बीच लग्जरी वाहनों के काफिले के साथ सिरसा पहुंचा। उसकी पैरोल को लेकर सुरक्षा एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन भी सतर्क रहे।
राम रहीम को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड और डेरा प्रबंधक रणजीत सिंह हत्याकांड में दोषी ठहराया जा चुका है। वह साध्वी यौन शोषण मामले में भी सजा काट रहा है। ऐसे में उसकी बार-बार होने वाली पैरोल और अस्थायी रिहाई को लेकर पहले भी राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर सवाल उठते रहे हैं।
पैरोल के दौरान राम रहीम के लिए निर्धारित शर्तों का पालन करना जरूरी होता है। प्रशासन की ओर से उसकी गतिविधियों और कार्यक्रमों पर निगरानी रखी जा सकती है, ताकि पैरोल की शर्तों का उल्लंघन न हो।
राम रहीम की इस बार की पैरोल भी ऐसे समय में चर्चा का विषय बनी है, जब उसकी पिछली अस्थायी रिहाइयों को लेकर लगातार बहस होती रही है। अब उसकी मौजूदा पैरोल की अवधि, शर्तों और इस दौरान उसकी गतिविधियों पर नजर रहेगी।