बृजभूषण सिंह और कंगना रनौत के बयानों पर बाबा रामदेव का पलटवार

0

करनाल , 24 अगस्त 2026 । योग गुरु बाबा रामदेव ने करनाल दौरे के दौरान पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह और अभिनेत्री-राजनेता कंगना रनौत के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि वह ओछी और घटिया सोच रखने वाले लोगों के बयानों पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहते। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

शिक्षा व्यवस्था में बदलाव को बताया सबसे बड़ा आंदोलन

योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि देश में सबसे बड़ा आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में बदलाव का होना चाहिए। उन्होंने ‘वन नेशन, वन एजुकेशन’ और ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की पैरवी करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में भारतीय ज्ञान प्रणाली को भी शामिल किया जाना चाहिए। रामदेव ने कहा कि चुनावों में शिक्षकों का काफी समय लग जाता है और फिर शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जाते हैं। उन्होंने अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा और चिकित्सा व्यवस्था को लेकर भी बदलाव की जरूरत बताई और कहा कि देश में भारतीय संस्कृति का प्रभाव बढ़ रहा है।

बताया जा रहा है कि बृजभूषण सिंह और कंगना रनौत की ओर से अलग-अलग मौकों पर दिए गए बयानों के बाद बाबा रामदेव से प्रतिक्रिया मांगी गई थी। इसी पर उन्होंने अपने अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि वह इस तरह की टिप्पणियों को गंभीरता से नहीं लेते।

बाबा रामदेव ने कहा कि किसी व्यक्ति की पहचान उसके काम और विचारों से होती है। उन्होंने अपने बयान के जरिए यह संकेत देने की कोशिश की कि व्यक्तिगत टिप्पणियों और विवादों में उलझने के बजाय वह अपने काम और विचारधारा पर ध्यान देना पसंद करते हैं।

इस पूरे विवाद ने एक बार फिर सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के बयानों और उनके बीच होने वाली बयानबाजी को चर्चा में ला दिया है। बृजभूषण सिंह और कंगना रनौत के बयानों पर बाबा रामदेव की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन सकती है।

वंदे मातरम को लेकर कही ये बात

वंदे मातरम के मुद्दे पर बाबा रामदेव ने कहा कि भारत माता उनके लिए सर्वोच्च है और भारतीय संस्कृति में भारत माता को देवी के विभिन्न स्वरूपों से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि भारत माता को ज्ञान, विद्या, धर्म, भक्ति और शक्ति का प्रतीक माना गया है। रामदेव ने कहा कि जिन लोगों को भारतीय संस्कृति और संस्कृत का पर्याप्त बोध नहीं है, वही वंदे मातरम जैसे विषयों पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

हालांकि, पूरे मामले में किस बयान के संदर्भ में बाबा रामदेव ने यह टिप्पणी की और उनकी प्रतिक्रिया का विस्तृत संदर्भ क्या था, इसे समझने के लिए संबंधित बयानों को पूरा देखना जरूरी है। फिलहाल बाबा रामदेव की टिप्पणी को दोनों नेताओं के बयानों पर उनकी सीधी प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.