पटना, 22 अगस्त 2026 । बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव और अनुष्का यादव से जुड़े विवाद में एक नया मोड़ सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अनुष्का के भाई आकाश यादव के फ्लैट के बाहर एक संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधियां देखी गईं। शक जताया जा रहा है कि वह फ्लैट की रेकी कर रहा था और उसका संबंध तेज प्रताप के करीबी लोगों से हो सकता है। हालांकि, इस दावे की अभी पुलिस जांच कर रही है और संदिग्ध व्यक्ति की पहचान व उसकी मंशा की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
फ्लैट के बाहर संदिग्ध की हरकत
20 अगस्त की दोपहर 3:50 बजे दरवाजे पर दस्तक होने पर आकाश यादव को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने बिना समय गंवाए दरवाजा बंद किया और गार्ड को अलर्ट किया। गार्ड ने संदिग्ध को मौके पर ही पकड़ लिया, लेकिन वो गुमराह करने की कोशिश करता रहा। पकड़े जाने के बाद संदिग्ध व्यक्ति ने रजिस्टर में अपना गलत नाम ‘विश्वजीत’ और फर्जी फोन नंबर दर्ज कराया। जब पुलिस में शिकायत करने की चेतावनी दी गई, तब उसने दूसरा नंबर लिखा और वहां से निकल गया।
आकाश के फ्लैट के बाहर क्या हुआ?
मामले के अनुसार, आकाश यादव के फ्लैट के आसपास एक व्यक्ति की संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं। उसकी गतिविधियों को देखकर परिवार को आशंका हुई कि वह घर की निगरानी कर रहा था। घटना के बाद सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और पुलिस मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।
क्या है तेज प्रताप और अनुष्का का विवाद?
तेज प्रताप यादव और अनुष्का यादव का विवाद पिछले काफी समय से चर्चा में रहा है। सोशल मीडिया पर दोनों की तस्वीरें सामने आने के बाद तेज प्रताप ने पहले उनके साथ रिश्ते की बात से जुड़े दावों पर सफाई दी थी। बाद में उन्होंने अनुष्का की बेटी के पिता को लेकर भी अलग दावा किया और अपने खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को साजिश बताया।
विवाद ने उस समय नया रूप लिया जब अनुष्का के भाई आकाश यादव ने तेज प्रताप पर उनके घर में जबरन घुसने और उनकी भांजी उज्जैनी से मिलने की कोशिश करने का आरोप लगाया। आकाश ने इस संबंध में पुलिस शिकायत के बाद अदालत का भी रुख किया था।
दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोप
आकाश यादव का आरोप है कि तेज प्रताप अपने सहयोगी के साथ उनके घर पहुंचे थे और परिवार के विरोध के बावजूद अंदर आने की कोशिश की। दूसरी ओर, तेज प्रताप ने इन आरोपों को खारिज करते हुए आकाश पर उनकी छवि खराब करने की कोशिश का आरोप लगाया है। दोनों पक्षों के बीच कानूनी विवाद भी सामने आ चुका है।
फ्लैट की कथित रेकी का मामला सामने आने के बाद अब पुलिस के लिए यह पता लगाना अहम है कि संदिग्ध व्यक्ति कौन था, वह वहां क्यों मौजूद था और क्या उसका तेज प्रताप या उनके किसी करीबी से वास्तव में कोई संबंध है। फिलहाल इन दावों को जांच पूरी होने तक आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।