संभल हिंसा के कथित मास्टरमाइंड शारिक साठा पर इंटरपोल का शिकंजा
दुबई में छिपे आरोपी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस
संभल, 22 अगस्त 2026 । संभल हिंसा मामले में फरार चल रहे शारिक साठा के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया है। उत्तर प्रदेश पुलिस के मुताबिक, शारिक साठा को 24 नवंबर, 2024 में हुई संभल हिंसा का मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है और वह फिलहाल दुबई में रह रहा है। नोटिस जारी होने के बाद अब उसे विदेश से गिरफ्तार कर भारत लाने की कार्रवाई आगे बढ़ाने का रास्ता खुल गया है।
पुलिस के मुताबिक, फर्जी पासपोर्ट के जरिए विदेश पहुंचे साठा के खिलाफ हिंसा से पहले ही करीब 55 से 60 मुकदमे दर्ज थे। अब पुलिस की नजर सिर्फ उसकी गिरफ्तारी पर नहीं, बल्कि उसे भारत वापस लाने की प्रक्रिया पर है।
हिंसा की साजिश में मुख्य आरोपी बताया गया
24 नवंबर 2024 को संभल में शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हिंसा भड़क गई थी। इस हिंसा में चार लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे। पुलिस की जांच में शारिक साठा का नाम कथित मुख्य साजिशकर्ताओं में सामने आया। पुलिस के अनुसार, वह घटना के बाद से फरार है।
फर्जी दस्तावेजों से विदेश भागने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, शारिक साठा कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर भारत से बाहर गया और दुबई में रह रहा है। उसके खिलाफ पहले ही लुक आउट सर्कुलर जारी किया जा चुका था। पुलिस ने उसकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी की थी।
CBI के जरिए इंटरपोल से मांगी गई मदद
उत्तर प्रदेश पुलिस ने शारिक साठा के खिलाफ तैयार डोजियर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपा था। इसके बाद इंटरपोल के साथ समन्वय कर रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया गया। अब उसकी लोकेशन की पुष्टि होने पर संबंधित देश की एजेंसियों के सहयोग से गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।
कई आपराधिक मामलों में आरोपी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार शारिक साठा के खिलाफ उत्तर प्रदेश और NCR समेत अलग-अलग स्थानों पर दर्जनों आपराधिक मामले हैं। पुलिस का आरोप है कि वह विदेश में रहते हुए भी अपने आपराधिक नेटवर्क को संचालित कर रहा था।
रेड कॉर्नर नोटिस के बाद अब पुलिस की कोशिश उसे भारत वापस लाने की होगी। हालांकि, इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस अपने आप में गिरफ्तारी वारंट नहीं होता; यह सदस्य देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को वांछित व्यक्ति का पता लगाने और अस्थायी हिरासत में लेने में सहयोग के लिए जारी किया जाता है।