सीतामढ़ी, 20 अगस्त 2026 । बिहार प्रशासनिक सेवा से जुड़े IAS अधिकारी रिची पांडेय का एक संवेदनशील अंदाज चर्चा में है। एक कार्यक्रम के दौरान जब एक दिव्यांग व्यक्ति ने उन्हें सम्मानित करने के लिए बुलाया, तो रिची पांडेय खुद चलकर उनके पास पहुंचे और सम्मान स्वीकार किया। उनके इस व्यवहार को प्रशासनिक पद पर रहते हुए आम लोगों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता की मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है।
एक दिव्यांग के लिए खुद उनके पास पहुंचे डीएम
डीएम रिची पांडेय एक दिव्यांग की आकांक्षा को पूरी करने के लिए खुद उसके पास पहुंचे। दरअसल, नगर परिषद, बैरगनिया के अशोगी मुहल्ला के वार्ड नंबर- चार निवासी राकेश रंजन उर्फ विजय झा की बड़ी ख्वाहिश थी कि वे डीएम पांडेय को सम्मानित करें। आखिरकार जिलाधिकारी रिची पांडेय ने विजय झा की ये तमन्ना पूरी कर दी। डीएम रिची पांडेय के इस सरल और सुलभ स्वभाव की खूब चर्चा हो रही है।
दिव्यांग का संदेश किया स्वीकार
बताया गया है कि दिव्यांग विजय झा समाहरणालय में पहुंचे। वे पुत्र के साथ बाइक से आए थे। पैर से दिव्यांग होने के चलते चलने-फिरने में उन्हें कठिनाई होती है। दिल में डीएम को सम्मानित करने की ख्वाहिश के साथ वे आए थे। विजय झा ने सम्मानित करने की अपनी इच्छा वाला संदेश जैसे-तैसे डीएम के पास पहुंचाया। संदेश में विजय झा ने खुद को दिव्यांग बताया था। सो विजय झा की तमन्ना पूरी करने के लिए डीएम रिची पांडेय ने उनके संदेश को स्वीकार कर लिया।
कार्यक्रम में दिव्यांग व्यक्ति ने अधिकारी को अपने पास बुलाकर सम्मान देने की इच्छा जताई। इसके बाद रिची पांडेय ने औपचारिकता निभाने के बजाय स्वयं उनके पास जाकर सम्मान ग्रहण किया। इस दौरान मौजूद लोगों ने उनके व्यवहार की सराहना की। घटना का वीडियो या तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी उनके इस अंदाज की चर्चा होने लगी।
एक प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर जनता से सीधा संवाद और हर वर्ग के लोगों के प्रति सम्मान को प्रशासनिक कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। रिची पांडेय के इस व्यवहार ने यही संदेश दिया कि सम्मान केवल पद या प्रतिष्ठा का नहीं, बल्कि हर व्यक्ति की गरिमा का होना चाहिए।
अब रिची पांडेय को बेगूसराय की जिम्मेदारी संभालनी है। नई जिम्मेदारी के साथ उनके सामने जिले के प्रशासनिक कामकाज, विकास योजनाओं और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने की चुनौती होगी। बेगूसराय जैसे महत्वपूर्ण जिले में कानून-व्यवस्था के साथ विकास कार्यों की निगरानी भी उनके कार्यकाल का अहम हिस्सा रहेगी।
रिची पांडेय के सामने नई जिम्मेदारी के दौरान लोगों की अपेक्षाएं भी महत्वपूर्ण रहेंगी। कार्यक्रम में दिखा उनका संवेदनशील व्यवहार प्रशासन और जनता के बीच बेहतर संवाद की उम्मीद जगाता है। अब देखना होगा कि बेगूसराय में उनकी प्रशासनिक कार्यशैली किस तरह दिखाई देती है।