नई दिल्ली, 20 अगस्त 2026 । दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके में 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और कारोबारी के प्रतिष्ठान पर फायरिंग की घटना ने सनसनी फैला दी है। शुरुआती जांच में पुलिस को मामले की कहानी में कई ऐसे पहलू नजर आए हैं, जिनके आधार पर कारोबारी की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या रंगदारी और फायरिंग की पूरी घटना किसी साजिश का हिस्सा थी या इसके पीछे कोई बाहरी आपराधिक गिरोह सक्रिय था।
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पुलिस के मुताबिक, चाणक्यपुरी निवासी कारोबारी ने पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी थी कि 2024 से एक्सटॉर्शन कॉल और मैसेज आ रहे हैं। 10 करोड़ न देने पर जान से मारने की धमकी मिली। नवंबर 2025 में अमृतसर स्थित घर पर फायरिंग हुई। चाणक्यपुरी थाने में केस दर्ज हुआ। पंजाब पुलिस भी मामले की जांच कर रही है।
मामले में कथित तौर पर कारोबारी से 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। इसके बाद फायरिंग की घटना ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी। जांच एजेंसियां अब धमकी भरे संदेश, फोन कॉल, फायरिंग से जुड़े सबूत और कारोबारी के बयानों की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के पीछे वास्तव में कौन लोग थे और उन्हें कारोबारी से जुड़ी कौन-कौन सी जानकारी पहले से हासिल थी।
जांच के दौरान कारोबारी के बयानों और घटनाक्रम में सामने आए कुछ विरोधाभासों ने पुलिस का शक बढ़ाया है। इसी वजह से पुलिस कारोबारी से जुड़े आर्थिक लेनदेन, संपर्कों और घटना से पहले तथा बाद की गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है। हालांकि, किसी व्यक्ति पर आरोप साबित होने तक उसे दोषी नहीं माना जा सकता और पुलिस की जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।
फायरिंग की घटना को देखते हुए पुलिस ने आसपास के CCTV फुटेज, संदिग्धों की गतिविधियों और मौके से मिले साक्ष्यों की जांच शुरू की है। संभावित आरोपियों की पहचान और उनके आपराधिक नेटवर्क से संबंधों का पता लगाने के लिए भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस इस एंगल पर भी काम कर रही है कि कहीं रंगदारी की मांग और फायरिंग को अंजाम देने वालों का मकसद कारोबारी को डराना या किसी खास दिशा में जांच को मोड़ना तो नहीं था।