नई दिल्ली, 08 अगस्त 2026 । दिल्ली में पानी की बढ़ती मांग के बीच सरकार ने जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम योजना पर काम शुरू किया है। DSB नहर को सीमेंटेड किए जाने से पानी के रिसाव और बर्बादी को कम करने में मदद मिल सकती है। परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली को करीब 100 क्यूसेक अतिरिक्त पानी मिलने की उम्मीद है। इससे खास तौर पर उन इलाकों में जल उपलब्धता बेहतर हो सकती है, जहां गर्मियों के दौरान पानी की मांग बढ़ने पर आपूर्ति का दबाव बढ़ जाता है।
हरियाणा ने रखी शर्त
हालांकि, हरियाणा ने इस योजना पर एक शर्त रखी है कि नहर को सीमेंटेड करने के बाद जितना एक्स्ट्रा पानी बचेगा, उसे गर्मियों के दौरान यमुना का फ्लो बनाए रखने के लिए नदी में छोड़ा जाएगा।
दिल्ली जल बोर्ड की अलग राय
दूसरी ओर, जल बोर्ड के अधिकारी इससे सहमत नहीं है। उनका कहना है कि योजना का मकसद दिल्ली में पानी की किल्लत दूर करना है। जल बोर्ड का मानना है कि यदि DSB नहर को भी सीमेंटेड कर दिया जाए तो करीब 100 क्यूसेक पानी बचाया जा सकेगा।
नहर को सीमेंटेड करने से कम होगा पानी का रिसाव
पुरानी नहरों में पानी के रिसाव के कारण बड़ी मात्रा में जल अपने गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही बर्बाद हो जाता है। DSB नहर को सीमेंटेड करने का उद्देश्य पानी के रिसाव को नियंत्रित करना और नहर की जल वहन क्षमता को बेहतर बनाना है। नहर की लाइनिंग मजबूत होने के बाद पानी का प्रवाह अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा।
इससे उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल संभव होगा और समान मात्रा में पानी को कम नुकसान के साथ दिल्ली तक पहुंचाया जा सकेगा। सरकार के लिए यह परियोजना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राजधानी में लगातार बढ़ती आबादी और शहरीकरण के चलते पेयजल की मांग में इजाफा हो रहा है।
दिल्ली को मिल सकता है 100 क्यूसेक अतिरिक्त पानी
DSB नहर के सीमेंटेशन के बाद दिल्ली को लगभग 100 क्यूसेक अतिरिक्त पानी उपलब्ध होने की संभावना है। एक क्यूसेक पानी का अर्थ प्रति सेकंड एक घन फुट पानी के प्रवाह से होता है। इस लिहाज से 100 क्यूसेक अतिरिक्त जल उपलब्धता दिल्ली की जल आपूर्ति व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बढ़ोतरी हो सकती है।
अतिरिक्त पानी मिलने से जल संकट वाले क्षेत्रों में आपूर्ति को संतुलित करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, गर्मियों में बढ़ने वाली पानी की मांग को पूरा करने के लिए दिल्ली के पास अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे।
जल संकट से निपटने की दिशा में अहम कदम
दिल्ली में हर साल गर्मी के मौसम में पानी की मांग बढ़ जाती है। कई इलाकों में कम दबाव, सीमित आपूर्ति और पाइपलाइन नेटवर्क से जुड़ी समस्याओं के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में नहरों की क्षमता बढ़ाना और पानी के नुकसान को कम करना दीर्घकालिक जल प्रबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
DSB नहर को सीमेंटेड करने की योजना से न केवल पानी की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिल सकती है, बल्कि मौजूदा जल संसाधनों के अधिक कुशल इस्तेमाल का रास्ता भी साफ होगा। यदि परियोजना तय समय पर पूरी होती है, तो दिल्ली की जल आपूर्ति व्यवस्था को इसका सीधा लाभ मिल सकता है।
पानी की बर्बादी रोकने पर जोर
दिल्ली के लिए सिर्फ नए जल स्रोत तलाशना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि मौजूदा जल संसाधनों को बचाना भी जरूरी है। नहरों की लाइनिंग, पाइपलाइन नेटवर्क में लीकेज रोकना और जल वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाना इसी दिशा में उठाए जाने वाले कदम हैं।
DSB नहर के सीमेंटेशन से होने वाली बचत को जल आपूर्ति नेटवर्क में बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे भविष्य में दिल्ली की बढ़ती पानी की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।