फरीदाबाद, 05 अगस्त 2026 । दिल्ली पुलिस ने एटीएम चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच के दौरान सामने आया कि इस गिरोह का कथित सरगना दिल्ली पुलिस का ही एक कांस्टेबल था। पुलिस के अनुसार, आरोपी पर आरोप है कि वह ऑनलाइन गेमिंग में हुए भारी आर्थिक नुकसान और कर्ज से उबरने के लिए एटीएम मशीनों को निशाना बनाने लगा। मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।
भूपानी थाना क्षेत्र से 6.53 लाख की चोरी
हिताची पेमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि द्वारा अपनी शिकायत में बताया गया कि 3 जुलाई 2026 की रात भूपानी मोड़ स्थित शॉप नंबर-1 पर स्थापित एटीएम को गैस कटर से काटकर उसमें रखी 6,53,300 की नकदी चोरी कर ली गई। इस मामले में क्राइम ब्रांच 56 की टीम ने जांच के बाद विकास कुमार (24) निवासी गांव सिसई उतर टोला कोठी, जिला सिवान, बिहार, हुकमचंद (34) निवासी गांव अटाली, फरीदाबाद को और अरविंद (26) निवासी गांव अटाली, को गिरफ्तार कर लिया।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर अपने पुलिस अनुभव और तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल कर गिरोह के साथ एटीएम चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस का दावा है कि गिरोह सुनसान इलाकों में लगे एटीएम को निशाना बनाता था और योजनाबद्ध तरीके से मशीनों को काटकर या उखाड़कर नकदी चोरी करता था। वारदात के बाद आरोपी अलग-अलग रास्तों से फरार हो जाते थे ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके।
जांच एजेंसियां अब आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल फोन, डिजिटल लेनदेन और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया और क्या अन्य राज्यों में भी इसका नेटवर्क सक्रिय था। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी से जुड़े आर्थिक नुकसान कई लोगों को गंभीर वित्तीय संकट में धकेल सकते हैं। हालांकि, किसी भी आर्थिक समस्या का समाधान अपराध नहीं हो सकता। पुलिस ने कहा है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और सभी आरोपियों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।