फरीदाबाद में नकली प्रोपिलीन ग्लाइकोल बनाने का खुलासा,

कंपनी मैनेजर गिरफ्तार, मिलावटखोरी के नेटवर्क की जांच शुरू

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फरीदाबाद , 31 जुलाई 2026 । हरियाणा के फरीदाबाद में नकली प्रोपिलीन ग्लाइकोल (Propylene Glycol) बनाने के मामले का पुलिस और संबंधित विभागों ने भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान एक कंपनी के मैनेजर को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि यहां असली के नाम पर नकली रसायन तैयार कर बाजार में सप्लाई किया जा रहा था, जिससे लोगों की सेहत और सुरक्षा को खतरा हो सकता था।

ड्रग कंट्रोल ऑफिसर फरीदाबाद-III परवीन राठी, ड्रग कंट्रोल ऑफिसर फरीदाबाद-II संदीप गहलावत तथा वरिष्ठ ड्रग कंट्रोल ऑफिसर फरीदाबाद कृष्ण कुमार की संयुक्त टीम ने एम/एस कोकोना एशिया इंग्रीडिएंट्स प्राइवेट लिमिटेड, प्लॉट नंबर-910, सेक्टर-69, आईएमटी फरीदाबाद में छापेमारी की। यह कार्रवाई हरियाणा राज्य औषधि नियंत्रक, पंचकूला को मिली शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें मैनाली ब्रांड के नाम पर नकली प्रोपिलीन ग्लाइकोल बेचे जाने की सूचना थी।

निरीक्षण के दौरान कंपनी के मैनेजर परवीन मौके पर मौजूद मिले। उन्होंने बताया कि कंपनी के निदेशक नवनीत जलोटा उपलब्ध नहीं हैं। टीम ने निदेशक से फोन पर संपर्क कर उन्हें मौके पर आने के लिए कहा, लेकिन वे निरीक्षण के दौरान नहीं पहुंचे। जांच में सामने आया कि कंपनी औद्योगिक ग्रेड के प्रोपिलीन ग्लाइकोल को चीनी कंपनी के ड्रमों से निकालकर एम/एस मैनाली पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड, चेन्नई के नाम और लेबल वाले खाली ड्रमों में भर रही थी, जिससे यह प्रतीत हो कि उत्पाद उसी कंपनी द्वारा निर्मित है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, सूचना मिलने के बाद टीम ने संबंधित स्थान पर छापेमारी की और वहां से संदिग्ध सामग्री, रसायन और तैयार उत्पादों के नमूने बरामद किए। अधिकारियों ने बरामद सामग्री को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसमें किस प्रकार की मिलावट की गई थी और इसका इस्तेमाल किन क्षेत्रों में किया जा रहा था।

प्रोपिलीन ग्लाइकोल का उपयोग कई उद्योगों में किया जाता है, जिसमें फार्मास्युटिकल, कॉस्मेटिक, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य औद्योगिक उत्पाद शामिल हैं। ऐसे में इसके नकली या घटिया गुणवत्ता वाले उत्पादन से गंभीर नुकसान की आशंका रहती है। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सप्लाई चेन और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार मैनेजर से पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि नकली प्रोपिलीन ग्लाइकोल का उत्पादन कब से किया जा रहा था, इसे कहां-कहां भेजा गया और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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