रोजगार के मुद्दे पर दिग्विजय चौटाला का सरकार पर हमला, CM से श्वेत पत्र जारी करने की मांग

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चंडीगढ़ , 31 जुलाई 2026 । जननायक जनता पार्टी (JJP) के नेता दिग्विजय सिंह चौटाला ने हरियाणा सरकार से रोजगार के मुद्दे पर श्वेत पत्र (White Paper) जारी करने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि सरकार प्रदेश में दिए गए रोजगार, लंबित भर्तियों और चुनावी वादों की स्थिति का पूरा हिसाब जनता के सामने सार्वजनिक करे।

दिग्विजय चौटाला ने कहा कि सीईटी हुए एक वर्ष बीत चुका है, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया कि कितने अभ्यर्थियों ने परीक्षा पास की और अब तक कितनी भर्तियां पूरी हुई हैं। उन्होंने सरकार से भर्ती प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की। दिग्विजय ने सरकार को उसके उस वादे को भी याद दिलाया, जिसमें कहा गया था कि सीईटी उत्तीर्ण युवाओं को एक वर्ष तक नौकरी न मिलने की स्थिति में 9,000 रुपये की सहायता दी जाएगी। उन्होंने पूछा कि इस घोषणा के तहत अब तक कितने युवाओं को इसका लाभ मिला है। उन्होंने एचकेआरएन के लगभग 1.20 लाख कर्मचारियों की जॉब सिक्योरिटी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि दो वर्ष बीत जाने के बावजूद सरकार अपने वादे को पूरा नहीं कर सकी है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को भी उनके भविष्य और सेवा सुरक्षा को लेकर स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए।

दिग्विजय चौटाला ने आरोप लगाया कि युवाओं से रोजगार को लेकर किए गए वादों और जमीनी स्तर पर हुई प्रगति के बीच अंतर है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि अब तक कितने युवाओं को रोजगार मिला, कितने पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी हुई और कितने पद अभी भी खाली हैं।

JJP नेता ने कहा कि हरियाणा में युवा रोजगार को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं और उन्हें पारदर्शी जानकारी मिलनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार विभागवार आंकड़े जारी करे, जिससे जनता को यह पता चल सके कि रोजगार के क्षेत्र में वास्तव में कितना काम हुआ है।

उन्होंने भर्ती प्रक्रियाओं, सरकारी नौकरियों और युवाओं से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी सरकार से जवाब मांगा। दिग्विजय चौटाला का कहना है कि श्वेत पत्र जारी होने से सरकार की नीतियों और उपलब्धियों की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।

वहीं, सरकार की ओर से विपक्ष के आरोपों पर अभी कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। रोजगार का मुद्दा हरियाणा की राजनीति में लगातार प्रमुख विषय बना हुआ है और आने वाले समय में इस पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।

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