कौन हैं नाहर सिंह यादव? गाजियाबाद के DM और पुलिस कमिश्नर को चेतावनी देकर चर्चा में आए
नई दिल्ली, 31 जुलाई 2026 । हाल के दिनों में सपा के वरिष्ठ नेता और बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष नाहर सिंह यादव का नाम उस समय सुर्खियों में आया, जब उन्होंने गाजियाबाद के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस कमिश्नर को चेतावनी देते हुए सत्यम पंडित से जुड़े मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनके बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
नाहर सिंह यादव ने दिल्ली में आंदोलन से लौट रहे छात्रों की पिटाई करने वाले सत्यम पंडित पर एनएसए लगाने और जेल भेजने की मांग करते हुए कमिश्नर को खुली चेतावनी दी है। वीडियो में नाहर सिंह यादव कह रहे- डीएम और पुलिस कमिश्नर सरकार और जनता के नौकर हैं। अधिकारियों का दायित्व जनता की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करना है, न कि कुछ लोगों को गुंडा बनाकर संरक्षण देना।
पूर्व सांसद डीपी यादव के हैं करीबी
आपको बता दें कि नाहर सिंह यादव गाजियाबाद की राजनीति और कचहरी की दुनिया का जाना-पहचाना चेहरा हैं। वह कई बार बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रह चुके हैं और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। पूर्व सांसद डीपी यादव के भी बेहद करीबी रहे हैं। नाहर सिंह यादव अपनी दबंगई के लिए भी जाने जाते हैं।
‘जानते ही हो हम सपाई हैं, हमें कोई फर्क नहीं पड़ता’
नाहर सिंह यादव ने आगे कहा- ‘सत्यम पंडित जैसे दो-तीन लोग हैं, पुलिस इन्हें खुद ठीक कर ले। कमिश्नर से भी कह दिया है कि सत्यम जैसे गुंडों को गिरफ्तार कर उस पर एनएसए लगाए। वरना आधे घंटे में इनके हाथ-पैर बंधवाकर इनके दफ्तर में डलवा देंगे। जानते ही हो हम सपाई हैं, हमें कोई फर्क नहीं पड़ता, न हम इनसे डरते हैं।’ यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद चर्चा का केंद्र बन गया है।
उन्होंने प्रशासन से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की अपील की। साथ ही यह भी कहा कि किसी भी मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ उचित कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए। हालांकि, प्रशासन की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई जारी रहने की बात कही गई है।
फिलहाल, नाहर सिंह यादव के बयान और सत्यम पंडित से जुड़े विवाद को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। मामले में आगे की कार्रवाई और प्रशासनिक निर्णय पर सभी की नजर बनी हुई है।