गोरखपुर में मासूम से दुष्कर्म और हत्या का सनसनीखेज मामला,
आरोपी सिपाही पर गंभीर आरोप, जांच जारी
गोरखपुर, 31 जुलाई 2026 । उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक मासूम बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या का मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है। आरोप है कि एक पुलिस सिपाही ने बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी और सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को नदी में फेंक दिया। इस घटना ने कानून-व्यवस्था और महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना का खुलासा होने के बाद से लोगों में आक्रोश है। लोग सिपाही के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। गुरुवार को जब आरोपी सिपाही को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल लाया गया तो वहां के स्टाफ ने उस पर हमला कर दिया और उसकी पिटाई की।
ड्यूटी खत्म कर अस्पताल पहुंचा था सिपाही
पुलिस पूछताछ में आरोपी अभिषेक यादव ने बताया कि उसकी ड्यूटी मंगलवार को सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक गोरखनाथ रोड पर स्थित चीउटहा पुल के पास लगी थी। ड्यूटी खत्म कर वह रात 8:30 बजे के करीब दवा लेने के लिए जिला अस्पताल पहुंचा । वहां दिखी एक 10 वर्षीय बच्ची को घर छोड़ने के बहाने अपने साथ चीऊटहा पुल के पास नदी किनारे सुनसान स्थान पर पहुंचा।
एक घंटे तक करता रहा दरिंदगी
सिपाही ने करीब एक घंटे तक दरिंदगी की। इस दौरान बच्ची तड़पती रही लेकिन हैवान पर इसका कोई असर नहीं हुआ। अपनी हवस मिटाने के बाद उसने खून से लथपथ बच्ची की गर्दन पर पैर रखा और बड़ी बेरहमी से गर्दन की हड्डी तोड़ दी। उसके बाद भी उसका मन नहीं भरा तो मासूम के दोनों हाथों को पीछे बांध दिया और फिर नदी में फेंककर फरार हो गया। इसके बाद वह पुलिस लाइन पहुंचा और कपड़े बदलकर दोबारा ड्यूटी वाले स्थान पर पहुंच गया। उसे देखकर किसी को यह अंदेशा तक नहीं हुआ कि वह कितना जघन्य अपराध करके लौटा है।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, बच्ची के लापता होने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की थी। बाद में उसका शव नदी से बरामद हुआ। पोस्टमार्टम और अन्य जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी सिपाही को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। जांच एजेंसियां फोरेंसिक साक्ष्य, घटनास्थल से मिले सबूत और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच कर रही हैं ताकि पूरे घटनाक्रम का स्पष्ट पता लगाया जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच तेज़ी से की जा रही है और यदि आरोपी के खिलाफ आरोप सिद्ध होते हैं, तो उसके विरुद्ध कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही विभागीय स्तर पर भी आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारी लगातार जांच की निगरानी कर रहे हैं।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी रोष है और पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाने की मांग उठ रही है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।