चंडीगढ़, 27 जुलाई 2026 । पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य में भर्ती परीक्षाओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि उनकी सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक की घटना सामने नहीं आई है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचारमुक्त बनाने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं।
पंजाब सीएम ने क्या कहा?
पंजाब सीएम ने कहा कि केवल एक नकल का मामला सामने आया था, लेकिन पंजाब पुलिस ने हाल में आयोजित फार्मेसी अधिकारी परीक्षा के दौरान सक्रिय एक अत्यधिक परिष्कृत अंतरराज्यीय नकल गिरोह का भंडाफोड़ किया। उन्होंने बताया कि इस मामले में फिरोजपुर में एक अभ्यर्थी द्वारा परीक्षा के दौरान पेन कैमरा और वास्तविक समय में जवाब लिखवाने की तकनीक के इस्तेमाल का पता चला था। मान ने कहा कि कुछ ही मिनट में नकल करने वालों और उनके पीछे मौजूद गिरोह को पकड़ लिया गया और जेल भेज दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं को लेकर अक्सर सवाल उठते थे, लेकिन उनकी सरकार ने सिस्टम में सुधार कर युवाओं का भरोसा बहाल किया है। उन्होंने कहा कि अब सरकारी नौकरियां योग्यता और मेरिट के आधार पर दी जा रही हैं तथा भर्ती प्रक्रिया में तकनीक और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
भगवंत मान ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि बिना तथ्यों के आरोप लगाना राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास किसी भी प्रकार की अनियमितता के ठोस प्रमाण हैं, तो उन्हें संबंधित एजेंसियों के सामने प्रस्तुत करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में सुधारों को प्राथमिकता दे रही है। उनका दावा है कि पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और प्रशासनिक सुधारों के कारण युवाओं का सरकारी संस्थानों पर विश्वास बढ़ा है। हालांकि, विपक्ष ने सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए विभिन्न मुद्दों पर जवाबदेही की मांग जारी रखी है।