नई दिल्ली, 10 जुलाई 2026 । दिल्ली सरकार की महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा सुविधा से जुड़ी पिंक कार्ड योजना को लेकर नया अपडेट सामने आया है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित, सुलभ और नि:शुल्क सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है। ताजा जानकारी के अनुसार, सरकार पिंक कार्ड की प्रक्रिया, पात्रता और उपयोग से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं पर काम कर रही है, जिससे योजना को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया जा सके।
डीटीसी अधिकारियों के अनुसार बसों में रोजाना औसतन 6-7 लाख महिलाएं सफर करती हैं। हालांकि अभी तक 10 लाख से अधिक महिलाएं, यह कार्ड बनवा चुकी हैं। लेकिन देखने में आया है कि कुछ महिलाएं अभी भी बिना पिंक कार्ड के सफर कर रही हैं। महिलाओं में से 15-20 फीसदी ही महिलाएं सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड से सफर कर रही है। यानी बाकी महिलाएं पिंक टिकट लेकर चल कर ही है। जबकि परिवहन विभाग की ओर से बार-बार महिलाओं से पिंक स्मार्ट कार्ड बनवाने की अपील की जा रही है।
31 जुलाई के बाद पिंक स्मार्ट कार्ड अनिवार्य
सरकार के मुताबिक अब दिल्ली में पर्याप्त संख्या में सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड बन चुके है। फिर भी किसी को दिक्कत न हो इसलिए कार्ड बनवाने के लिए पर्याप्त समय दिया गया है। हमने 31 जुलाई तक का समय तय किया है कि उसके बाद सिर्फ सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड के जरिए ही महिलाएं बस में मुफ्त सफर कर पाएंगी। डीटीसी उससे पहले महिला यात्रियों को सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड बनवाने के लिए जागरूक भी करेगी।
यदि सरकार की नई व्यवस्था लागू होती है, तो महिलाओं को पिंक कार्ड या उससे जुड़े डिजिटल सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ सकती है। इसका उद्देश्य केवल पात्र लाभार्थियों तक मुफ्त यात्रा की सुविधा पहुंचाना और व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
दिल्ली परिवहन विभाग की ओर से महिलाओं को सलाह दी गई है कि वे योजना से संबंधित किसी भी नए दिशा-निर्देश, आवेदन प्रक्रिया या दस्तावेजों की जानकारी पर नजर रखें। किसी भी आधिकारिक घोषणा के बाद ही नई प्रक्रिया लागू होगी।
जो महिलाएं वर्तमान में मुफ्त बस यात्रा सुविधा का लाभ ले रही हैं, उन्हें भी सरकार की ओर से जारी नए निर्देशों का पालन करना होगा। योजना में किसी भी बदलाव की स्थिति में समय पर जानकारी प्राप्त करना आवश्यक होगा, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।