नई दिल्ली, 25 जून् 2026 । सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे दिन भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को चांदी के दाम में ₹6,550 प्रति किलोग्राम की बड़ी कमी आई, जिसके साथ पिछले तीन कारोबारी दिनों में इसकी कीमत कुल मिलाकर करीब ₹22,000 प्रति किलोग्राम तक नीचे आ चुकी है। चांदी में आई इस तेज गिरावट ने निवेशकों, व्यापारियों और खरीदारों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
सोने-चांदी की कीमतों में 25 जून को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 1 किलो चांदी आज चांदी 6,550 रुपए घटकर 2.15 लाख रुपए पर आ गई है। चांदी 3 दिन में ही 22 हजार रुपए सस्ती हो चुकी है।
वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोना आज 2,156 रुपए गिरकर 1.40 लाख रुपए आ गया है। इससे पहले यह 1.42 लाख पर था। सोना के दाम इस महीने 16 हजार रुपए और चांदी के 48 हजार रुपए गिरे हैं। 1 जून को सोना ₹1.56 लाख/10 ग्राम और चांदी ₹2.63 लाख/किलो थी।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में कमजोरी, डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव, निवेशकों की मुनाफावसूली और वैश्विक आर्थिक संकेतकों का असर चांदी के दामों पर साफ दिखाई दे रहा है। वैश्विक कमोडिटी बाजार में नरमी का सीधा प्रभाव घरेलू सर्राफा बाजार पर भी पड़ा है।
चांदी केवल निवेश का माध्यम ही नहीं बल्कि औद्योगिक धातु भी है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल उपकरण और ऑटोमोबाइल सेक्टर में इसके व्यापक उपयोग के कारण इसकी कीमतों में बदलाव का असर कई उद्योगों पर पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट से औद्योगिक खरीदारों और आभूषण कारोबारियों को राहत मिल सकती है।
वहीं, निवेशकों के लिए यह स्थिति अवसर और जोखिम दोनों लेकर आई है। कुछ निवेशक गिरते भाव में खरीदारी को बेहतर मौका मान रहे हैं, जबकि अन्य वैश्विक बाजार की दिशा स्पष्ट होने तक इंतजार की रणनीति अपना रहे हैं। आने वाले दिनों में अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, केंद्रीय बैंकों की नीतियां और अंतरराष्ट्रीय मांग-आपूर्ति की स्थिति चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकती है।
सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि यदि कीमतों में यह नरमी जारी रहती है तो त्योहारों और शादी-विवाह के सीजन से पहले चांदी की मांग बढ़ सकती है। फिलहाल बाजार की नजर अंतरराष्ट्रीय संकेतकों और कमोडिटी बाजार की चाल पर बनी हुई है।