नई दिल्ली, 25 जून् 2026 । रामानंद सागर के लोकप्रिय टीवी धारावाहिक ‘ रामायण ‘ में लक्ष्मण की भूमिका निभाकर घर-घर में पहचान बनाने वाले सुनील लहरी ने हालिया राजनीतिक विवादों और विपक्षी नेताओं के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति और परंपराओं को विवाद का विषय बनाना उचित नहीं है।
सुनील लहरी ने आधिकारिक एक्स अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट की है, जिसके साथ उन्होंने लिखा है, ‘अगर देश को नंबर 1और मजबूत बनाना है तो विपक्ष को आपसी मतभेद भुलकर सत्ताधारी पार्टी का बाहर वाली नकारात्मक शक्तियों से देश की गरिमा और लड़ाई में साथ देना चाहिए ना कि उन बाहर वाली शक्तियों की हां में हां मिलानी चाहिए।’
सुनील लहरी ने कहा कि देश की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक मान्यताओं का सम्मान सभी राजनीतिक दलों और नेताओं को करना चाहिए। उनके अनुसार, लोकतंत्र में विचारों का मतभेद स्वाभाविक है, लेकिन ऐसे मुद्दों पर बयानबाजी से बचना चाहिए जो समाज में अनावश्यक तनाव पैदा कर सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि जनता आज पहले से अधिक जागरूक है और वह विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा रोजगार जैसे मुद्दों पर राजनीति देखना चाहती है। केवल विवादित बयान देकर सुर्खियां बटोरने की राजनीति लंबे समय तक प्रभावी नहीं रह सकती। लहरी का मानना है कि नेताओं को जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखनी चाहिए ताकि सामाजिक सौहार्द और एकता बनी रहे।
रामायण में निभाए गए उनके किरदार के कारण आज भी करोड़ों लोग उन्हें सम्मान की दृष्टि से देखते हैं। ऐसे में उनके बयान को सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में भी व्यापक चर्चा मिल रही है। समर्थकों का कहना है कि उन्होंने संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के पक्ष में अपनी राय रखी है, जबकि आलोचक इसे उनकी व्यक्तिगत राजनीतिक टिप्पणी मान रहे हैं।
सुनील लहरी ने अंत में लोगों से अपील की कि वे किसी भी मुद्दे पर प्रतिक्रिया देने से पहले तथ्यों को समझें और समाज में सकारात्मक संवाद को बढ़ावा दें। उनका कहना है कि देश की प्रगति और सामाजिक एकता सबसे महत्वपूर्ण है।