नई दिल्ली, 12 जून् 2026 । बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान एक बार फिर काला हिरण प्रकरण से जुड़े विवाद के कारण सुर्खियों में हैं। इस बार मामला किसी पुराने मुकदमे का नहीं, बल्कि ‘काला हिरण’ नाम से बनाई जा रही एक फिल्म को लेकर सामने आया है। बताया जा रहा है कि फिल्म की सामग्री, शीर्षक और प्रस्तुति को लेकर आपत्ति जताते हुए सलमान खान ने हाईकोर्ट का रुख किया है और मामले में कानूनी हस्तक्षेप की मांग की है।
बता दें कि काला हिरण मामले से प्रेरित फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ का फर्स्ट लुक आज ही जारी किया गया था। जिसमें सलमान खान का जिक्र अयान खान और लॉरेंस का जिक्र लॉयन के नाम से किया गया है।
वीडियो में काला हिरण शिकार केस और कानूनी लड़ाई से जुड़े मामले को दिखाया गया है। फिल्म का निर्देशन भारत एस. श्रीनाथ ने किया है। जबकि अमित जानी इसके लेखक और निर्माता हैं। फिल्म का टीजर 20 जून को रिलीज किया जाएगा।
याचिका में कथित तौर पर कहा गया है कि फिल्म में ऐसे तत्व शामिल हैं जो अभिनेता की छवि, प्रतिष्ठा और उनसे जुड़े पुराने कानूनी मामलों को प्रभावित कर सकते हैं। सलमान खान की ओर से अदालत से अनुरोध किया गया है कि फिल्म के प्रदर्शन, प्रचार या उससे संबंधित सामग्री की समीक्षा की जाए ताकि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान न पहुंचे।
‘काला हिरण’ नाम सुनते ही लोगों का ध्यान उस चर्चित वन्यजीव शिकार मामले की ओर जाता है, जिसमें सलमान खान का नाम वर्षों तक चर्चा में रहा था। ऐसे में फिल्म को लेकर पैदा हुआ विवाद स्वाभाविक रूप से लोगों और मीडिया का ध्यान आकर्षित कर रहा है। हालांकि फिल्म निर्माताओं की ओर से इस विषय पर क्या पक्ष रखा गया है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी फिल्म, वेब सीरीज या अन्य रचनात्मक सामग्री में किसी व्यक्ति की पहचान, छवि या जीवन से जुड़े प्रसंगों का उपयोग किया जाता है, तो कई बार मानहानि, निजता और प्रतिष्ठा से जुड़े कानूनी प्रश्न खड़े हो सकते हैं। ऐसे मामलों में अदालत तथ्यों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और व्यक्तिगत अधिकारों के बीच संतुलन बनाने का प्रयास करती है।
फिलहाल हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई और अदालत की अगली टिप्पणी का इंतजार किया जा रहा है। यह मामला मनोरंजन जगत के साथ-साथ कानूनी हलकों में भी चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में अदालत के रुख और फिल्म निर्माताओं की प्रतिक्रिया के बाद ही विवाद की दिशा स्पष्ट हो सकेगी।