बठिंडा, 11 जून् 2026 । पंजाब के बठिंडा में नगर निगम की राजनीति को नई दिशा देते हुए मेयर पद का चयन संपन्न हो गया। खास बात यह रही कि मेयर चुनाव के दौरान विपक्षी दल मैदान में नजर नहीं आए, जिससे चुनाव प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान रही और सत्तारूढ़ पक्ष को बिना किसी बड़े राजनीतिक मुकाबले के अपना उम्मीदवार चुनवाने में सफलता मिली। इस घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीतिक समीकरणों और विपक्ष की रणनीति को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
26 मई के निगम चुनाव में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने वाली आम आदमी पार्टी ने वीरवार को निगम हाउस में अपनी संख्या बल की ताकत दिखाते हुए मेयर की कुर्सी पर फिर कब्जा जमा लिया। इसके साथ ही पदमजीत मेहता बठिंडा नगर निगम के इतिहास में लगातार दूसरी बार मेयर बनने वाले पहले व्यक्ति बन गए हैं। वहीं मेहता ने भी शिरोमणि अकाली दल के लगातार दो बार मेयर बनाने के पुराने रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।
नगर निगम के सदन में आयोजित बैठक के दौरान पार्षदों ने नए मेयर के चयन की प्रक्रिया पूरी की। विपक्ष की अनुपस्थिति के कारण मतदान में किसी तरह की कड़ी टक्कर देखने को नहीं मिली। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह स्थिति सत्ताधारी दल की संगठनात्मक मजबूती और विपक्ष की कमजोर रणनीति को दर्शाती है। नए मेयर के चयन के साथ ही शहर के विकास, सफाई व्यवस्था, पेयजल, सड़क निर्माण और शहरी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर नई उम्मीदें भी जुड़ गई हैं।
मेयर पद संभालने के बाद नए नेतृत्व ने शहर के समग्र विकास को प्राथमिकता देने का संकेत दिया है। नगर निगम प्रशासन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, नागरिक सुविधाओं में सुधार और लंबित परियोजनाओं को गति देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, स्वच्छता अभियान और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी नई योजनाओं पर काम किया जा सकता है।
विपक्ष के चुनावी प्रक्रिया से दूर रहने को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग चर्चाएं हैं। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि विपक्ष के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं था, जबकि कुछ इसे राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बता रहे हैं। हालांकि विपक्ष की अनुपस्थिति ने यह संदेश जरूर दिया है कि नगर निगम में सत्ता पक्ष की पकड़ फिलहाल मजबूत बनी हुई है।
बठिंडा नगर निगम में नए मेयर के चयन के साथ स्थानीय प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि नया नेतृत्व शहर की प्रमुख समस्याओं के समाधान और विकास कार्यों को कितनी तेजी से आगे बढ़ाता है।