बिहार विधान परिषद चुनाव 2026: पवन सिंह, निशांत कुमार समेत सभी 10 उम्मीदवार निर्विरोध MLC बने, NDA का दबदबा कायम

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पटना , 11 जून्‌ 2026 । बिहार विधान परिषद चुनाव में सभी 10 उम्मीदवारों ने निर्विरोध जीत दर्ज कर ली है। बिहार विधान परिषद चुनाव 2026 के नतीजे घोषित हो गए हैं और इस बार का चुनाव कई मायनों में खास रहा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार, भोजपुरी अभिनेता-गायक पवन सिंह समेत सभी 10 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए हैं। चुनाव मैदान में जितनी सीटें थीं, उतने ही उम्मीदवारों के नामांकन वैध पाए गए, जिसके चलते मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी और निर्वाचन प्रक्रिया बिना वोटिंग के ही पूरी हो गई। कई उम्मीदवारों ने 11 जून को बिहार विधानमंडल जाकर जीत का सर्टिफिकेट भी लिया। कुल 10 सीटों के लिए 10 उम्मीदवार थे, इसलिए वोटिंग की नौबत ही नहीं आई।

इस चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने 10 में से 9 सीटों पर कब्जा जमाया, जबकि एक सीट राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के खाते में गई। जदयू की ओर से निशांत कुमार, भारती मेहता, शिवानी देवी प्रजापति और ललन प्रसाद निर्वाचित हुए। वहीं भाजपा की ओर से पवन सिंह, संजय प्रकाश मयूख, अनिल ठाकुर और शीला पंडित को जीत मिली। लोजपा (रामविलास) के अशरफ अंसारी और राजद के सुनील सिंह भी विधान परिषद पहुंचने में सफल रहे।

सबसे ज्यादा चर्चा निशांत कुमार और पवन सिंह की जीत को लेकर हो रही है। निशांत कुमार पहली बार किसी सदन के सदस्य बने हैं, जिससे बिहार की राजनीति में उनके भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। वहीं पवन सिंह का विधान परिषद पहुंचना भाजपा के लिए पूर्वांचल और भोजपुरी भाषी मतदाताओं के बीच एक बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। इस चुनाव का एक और चर्चित पहलू उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को टिकट न मिलना रहा। सीटों के बंटवारे और पुराने राजनीतिक वादों को लेकर एनडीए के भीतर भी हलचल देखने को मिली, लेकिन अंततः सभी 10 सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया।

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले हुए इस निर्विरोध चुनाव को एनडीए की राजनीतिक मजबूती और संगठनात्मक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। खासकर निशांत कुमार की एंट्री ने बिहार की भावी राजनीति और नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं को नई गति दे दी है।

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