फर्जी एनकाउंटर पर अखिलेश यादव का बड़ा हमला, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

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लखनऊ, 26 मई 2026 । समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने कथित फर्जी एनकाउंटरों को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। समाजवादी पार्टी प्रमुख ने आरोप लगाया कि “फर्जी एनकाउंटर लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ एक बड़ा षडयंत्र हैं” और ऐसे मामलों के जरिए कानून व्यवस्था के नाम पर भय का माहौल बनाया जा रहा है। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि फर्जी मुठभेड़ की घटनाएं देश की संस्कृति, संविधान और स्वस्थ सामाजिक सोच के लिये एक चुनौती बन गयी हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, ”उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार मुठभेड़ के बहाने पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) को डरा कर उसका हक मारना चाहती है। भाजपा सरकार जाति,धर्म देखकर मुठभेड़ करवाती है जिससे प्रदेश का सामाजिक सौहार्द बिगड़ता है। फर्जी मुठभेड़ नाकाम सरकार की पहचान है। फर्जी मुठभेड़ से भाजपा सरकार आम जनता पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना चाहती है।

अखिलेश यादव ने कहा कि किसी भी लोकतंत्र में न्यायिक प्रक्रिया सबसे महत्वपूर्ण होती है और बिना निष्पक्ष जांच के किसी व्यक्ति को अपराधी मानकर कार्रवाई करना संविधान की भावना के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपराध नियंत्रण के नाम पर एनकाउंटर की राजनीति कर रही है, जिससे मानवाधिकार और कानूनी प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति पर गंभीर आरोप हैं तो उसे अदालत में पेश कर कानून के तहत सजा दिलाई जानी चाहिए, न कि पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक उपलब्धि के तौर पर पेश किया जाए। समाजवादी पार्टी ने कई पुराने मामलों का हवाला देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई है।

वहीं सरकार और सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और कानून व्यवस्था पहले से मजबूत हुई है। उनका कहना है कि पुलिस केवल आत्मरक्षा और कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करती है।

इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मामला प्रदेश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है। मानवाधिकार संगठनों और विपक्षी दलों की प्रतिक्रियाओं के बीच सरकार पर पारदर्शिता बनाए रखने का दबाव भी बढ़ता दिखाई दे रहा है।

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