पीएम मोदी की अपील का बाजार पर बड़ा असर! ज्वेलरी कंपनियों के शेयर 10% तक टूटे,

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नई दिल्ली, 11 मई 2026 । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील के बाद शेयर बाजार में ज्वेलरी सेक्टर में भारी गिरावट देखने को मिली। रिपोर्ट्स के अनुसार कई प्रमुख ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में लगभग 10% तक की कमजोरी दर्ज की गई। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री ने लोगों से एक साल तक अत्यधिक सोना खरीदने से बचने और वैकल्पिक निवेश विकल्पों पर ध्यान देने की अपील की थी, जिसके बाद बाजार में तेज प्रतिक्रिया देखने को मिली।

कल्याण ज्वेलर्स और सेन्को गोल्ड के शेयर 10-10% तक टूट गए। वहीं, देश की सबसे बड़ी ज्वेलरी कंपनी टाइटन के शेयर में 7% की गिरावट है। इसके अलावा पीएन गाडगिल 8%, थंगमयिल ज्वेलरी 6% और अन्य छोटे ज्वेलरी शेयरों में भी कमजोरी आई है।

गोल्ड इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ा सकती है सरकार

सेन्को गोल्ड के सुवंकर सेन ने CNBC से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री की टिप्पणी के बाद इस बात की संभावना बढ़ गई है कि सरकार सोने पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ा सकती है। अगर ऐसा होता है, तो सोने की डिमांड में 10% से 12% तक की कमी आ सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि ज्वेलरी एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंगलवार को प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।

इस बयान के बाद निवेशकों में यह चिंता बढ़ गई कि यदि सोने की मांग में कमी आती है तो ज्वेलरी कंपनियों के कारोबार और मुनाफे पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से शेयर बाजार में ज्वेलरी सेक्टर से जुड़े स्टॉक्स में बिकवाली बढ़ गई। कई बड़े निवेशकों ने भी सतर्क रुख अपनाया, जिससे बाजार में दबाव और बढ़ गया।

भारत दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड उपभोक्ता देशों में शामिल है। यहां सोना केवल निवेश का माध्यम नहीं बल्कि परंपरा, त्योहार और शादी-ब्याह से जुड़ी भावनाओं का भी हिस्सा माना जाता है। ऐसे में प्रधानमंत्री की अपील को लेकर राजनीतिक और आर्थिक बहस दोनों तेज हो गई हैं। विपक्षी दलों ने इसे अर्थव्यवस्था और आम लोगों की बचत से जोड़कर सरकार पर सवाल उठाए हैं।

आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार लंबे समय से गोल्ड इंपोर्ट कम करने और लोगों को डिजिटल व उत्पादक निवेश की ओर आकर्षित करने की कोशिश कर रही है। भारी मात्रा में सोने का आयात देश के व्यापार घाटे और विदेशी मुद्रा भंडार पर असर डालता है। इसी कारण सरकार समय-समय पर गोल्ड बॉन्ड, डिजिटल गोल्ड और अन्य निवेश योजनाओं को बढ़ावा देती रही है।

शेयर बाजार में आई इस गिरावट ने निवेशकों का ध्यान फिर से ज्वेलरी और गोल्ड सेक्टर की भविष्य की स्थिति पर केंद्रित कर दिया है। अब बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में सोने की मांग और ज्वेलरी कंपनियों के प्रदर्शन पर इसका कितना असर पड़ता है।

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