बिहार में सियासी हलचल: कैबिनेट विस्तार से पहले JDU की डिमांड ने बढ़ाया दबाव, कितने मंत्री पद चाहती है पार्टी?

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बिहार , 06 मई 2026 । बिहार में सम्राट सरकार के कैबिनेट विस्तार के पहले एक अलग तरह की हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने मंत्री पदों को लेकर अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है, जिससे गठबंधन में खींचतान की स्थिति बनती दिख रही है। उमेश कुशवाहा ने साफ कहा है कि पार्टी नई सरकार में 16 मंत्री पद चाहती है। उनका बयान ऐसे समय में आया है, जब एक दिन बाद राज्य मंत्रिमंडल के बड़े विस्तार की तैयारी जोरों पर है। गांधी मैदान में मंच तैयार है। कुर्सियां लगाई जा रही हैं। पंडाल बन गया है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये खड़ा हो रहा है कि क्या बीजेपी इस मांग को स्वीकार करेगी? विरोधियों के अलावा सियासी पंडितों को बीजेपी की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार है।

निशांत को लेकर चर्चा

निशांत कुमार के मंत्री बनने की चर्चा पर बोलते हुए उमेश कुशवाहा ने सधी हुई प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पार्टी चाहती है कि निशांत कुमार मंत्री बनें, फिलहाल उन्होंने संगठन को मजबूत करने का फैसला लिया है। निशांत कुमार फिलहाल सद्भाव यात्रा पर निकले हुए हैं। जनता के बीच अपनी पहचान बना रहे हैं। कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे हैं। कार्यकर्ता से जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल, उमेश कुशवाहा की मांग के बाद सभी को ये इंतजार है कि जेडीयू की मंत्रिमंडल में कितनी हिस्सेदारी होती है।

सूत्रों के मुताबिक, JDU अपने विधायकों की संख्या और सरकार में भूमिका को देखते हुए अधिक प्रतिनिधित्व चाहती है। पार्टी का मानना है कि उसे कैबिनेट में उसकी राजनीतिक ताकत के अनुरूप हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। इसी कारण वह मंत्री पदों की संख्या बढ़ाने की मांग कर रही है, जिससे सहयोगी दलों के साथ संतुलन बनाना सरकार के लिए चुनौती बन गया है।

हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि JDU ने आधिकारिक तौर पर कितने मंत्री पदों की मांग की है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पार्टी अपने कोटे में उल्लेखनीय बढ़ोतरी चाहती है। इससे अन्य सहयोगी दलों की उम्मीदों पर असर पड़ सकता है, जो पहले से ही अपने प्रतिनिधित्व को लेकर सक्रिय हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि कैबिनेट विस्तार में जातीय, क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन साधना बेहद जरूरी होगा। ऐसे में किसी एक दल की ज्यादा मांग से गठबंधन में असंतोष बढ़ सकता है। वहीं विपक्ष भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है।

आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार किस तरह सभी सहयोगी दलों के बीच संतुलन बनाकर कैबिनेट का विस्तार करती है। फिलहाल, JDU की मांगों ने बिहार की सियासत को गरमा दिया है और राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं।

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