साक्ष्यों के अभाव में हाईकोर्ट से राहत—यूट्यूबर को जासूसी और ISI कनेक्शन मामले में मिली जमानत

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चंडीगढ़/मोहाली, 29 अप्रैल 2026 । जासूसी और कथित ISI कनेक्शन के आरोपों में गिरफ्तार एक यूट्यूबर को बड़ी कानूनी राहत मिली है। संबंधित High Court of India ने मामले की सुनवाई के दौरान पाया कि अब तक की जांच में आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त ठोस सबूत सामने नहीं आए हैं। इसी आधार पर कोर्ट ने आरोपी को जमानत देने का फैसला सुनाया।

 जस्टिस विनोद एस. भारद्वाज की बेंच ने पाया कि जसबीर के मोबाइल डेटा से अब तक ऐसी कोई चैट, मैसेज या कॉल रिकॉर्ड बरामद नहीं हुई है, जो किसी पाकिस्तानी नागरिक या एजेंसी के साथ उनके संपर्क की पुष्टि करती हो। पुलिस द्वारा जिन वीडियो को आधार बनाया गया था, कोर्ट ने उन्हें सार्वजनिक रूप से सुलभ स्थानों का वीडियो माना। राज्य सरकार भी यह साबित करने में विफल रही कि उन वीडियो में कोई ‘क्लासिफाइड’ या प्रतिबंधित जानकारी थी।

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि यूट्यूबर के खिलाफ लगाए गए आरोप महज आशंकाओं पर आधारित हैं और जांच एजेंसियां अब तक कोई स्पष्ट और ठोस प्रमाण पेश नहीं कर पाई हैं, जो जासूसी या किसी विदेशी खुफिया एजेंसी से संबंध को सिद्ध कर सके। कोर्ट ने भी इस बात को माना कि केवल संदेह के आधार पर किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता को लंबे समय तक सीमित नहीं रखा जा सकता।

वहीं, जांच एजेंसियों की ओर से यह तर्क दिया गया कि मामला संवेदनशील है और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हो सकता है, इसलिए जांच जारी रखने की आवश्यकता है। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जांच जारी रह सकती है, लेकिन जब तक आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत न हों, तब तक उसे अनावश्यक रूप से हिरासत में रखना उचित नहीं है।

अदालत ने जमानत देते समय कुछ शर्तें भी तय की हैं, जिनका पालन करना आरोपी के लिए अनिवार्य होगा। इनमें जांच में सहयोग करना, बिना अनुमति देश छोड़कर न जाना और आवश्यकतानुसार अधिकारियों के सामने पेश होना शामिल है।

यह मामला कथित तौर पर Inter-Services Intelligence (ISI) से जुड़े होने के आरोपों के कारण चर्चा में था, लेकिन अदालत के इस फैसले के बाद फिलहाल आरोपी को राहत मिल गई है।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला न्यायिक प्रक्रिया में साक्ष्यों की अहमियत को दर्शाता है और यह भी स्पष्ट करता है कि किसी भी व्यक्ति को दोषी ठहराने से पहले ठोस प्रमाण होना अनिवार्य है।

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