दक्षिण हरियाणा में बिजली बकायेदारों पर सख्ती: 500 से ज्यादा क्रशर यूनिट्स पर गिरेगी गाज
हरियाणा , 14 अप्रैल 2026 । दक्षिण हरियाणा में बिजली निगम ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की तैयारी कर ली है। क्षेत्र की 500 से अधिक क्रशर यूनिट्स पर करीब 100 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया होने के चलते अब कनेक्शन काटने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इस कदम से औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और कई यूनिट संचालक भुगतान को लेकर सक्रिय हो गए हैं।
यदि विभाग इन 500 क्रशरों के कनेक्शन काटता है, तो बाजार में रोड़ी, डस्ट और बजरी की भारी किल्लत हो सकती है। इसका सीधा असर निर्माण कार्यों पर पड़ेगा और मकान बनाना महंगा हो जाएगा। वहीं, इस उद्योग से जुड़े हजारों श्रमिकों और ट्रक ऑपरेटरों के सामने भी रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है।
बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, लंबे समय से कई क्रशर यूनिट्स बिजली बिल का भुगतान नहीं कर रही थीं। बार-बार नोटिस जारी करने और चेतावनी देने के बावजूद जब बकाया जमा नहीं हुआ, तो अब सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया गया है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन यूनिट्स ने तय समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं किया, उनके बिजली कनेक्शन तुरंत प्रभाव से काट दिए जाएंगे।
यह कार्रवाई विशेष रूप से उन क्षेत्रों में केंद्रित है जहां पत्थर क्रशर और खनन से जुड़ी गतिविधियां अधिक हैं। इन यूनिट्स पर भारी मात्रा में बिजली की खपत होती है, जिससे बकाया राशि भी काफी अधिक हो गई है। विभाग का मानना है कि इस तरह की सख्ती से न केवल राजस्व वसूली में तेजी आएगी, बल्कि अन्य उपभोक्ताओं को भी समय पर बिल भुगतान के लिए प्रेरणा मिलेगी।
सूत्रों के मुताबिक, कई यूनिट मालिक अब विभाग से संपर्क कर किस्तों में भुगतान या राहत की मांग कर रहे हैं। हालांकि, विभाग ने साफ कर दिया है कि नियमों के तहत ही किसी प्रकार की राहत पर विचार किया जाएगा और जानबूझकर बकाया रखने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई का असर स्थानीय उद्योग और रोजगार पर भी पड़ सकता है, क्योंकि क्रशर यूनिट्स बंद होने से उत्पादन प्रभावित होगा। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि कानून और वित्तीय अनुशासन बनाए रखना जरूरी है, ताकि सार्वजनिक सेवाओं की निरंतरता बनी रहे।
कुल मिलाकर, दक्षिण हरियाणा में बिजली निगम का यह कदम बकायेदारों के खिलाफ एक बड़ा संदेश है कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना ही होगा।