हेल्दी और स्मार्ट दिल्ली का विजन: नवजातों को मिलेगा जेनेटिक जांच का ‘अनमोल’ तोहफा

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नई दिल्ली, 25 मार्च 2026 । राजधानी Delhi के बजट में इस बार स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए एक महत्वाकांक्षी पहल की घोषणा की गई है। इसके तहत नवजात बच्चों के लिए विशेष जेनेटिक जांच (Genetic Screening) की सुविधा शुरू की जाएगी, जिसे सरकार ने “अनमोल गिफ्ट” के रूप में पेश किया है। इस कदम का उद्देश्य जन्म के तुरंत बाद ही गंभीर और दुर्लभ बीमारियों की पहचान कर समय रहते इलाज सुनिश्चित करना है।

दिल्ली के नवजात बच्चों को जेनेटिक जांच का ‘अनमोल’ उपहार मिलेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि नवजातों के लिए एडवांस्ड न्यूबॉर्न मॉनिटरिंग एंड ऑप्टिमल लाइफकेयर (ANMOL) योजना शुरू की जा रही है और इसके लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत सिर्फ एक बूंद खून से 56 से 68 प्रकार की जांच फ्री में कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब एक नन्हा बच्चा जन्म लेता है तो हमारे लिए प्राणों से भी ज्यादा मूल्यवान बन जाता है। अनमोल बन जाता है। जैसे-जैसे उसकी उम्र बढ़ती है, कई बीमारियां बड़े होने पर पता चलती हैं, जो बाद में लाइलाज हो जाती हैं। इसलिए यह क्रांतिकारी योजना की शुरुआत की घोषणा कर रही हूं, जो फ्री होगी। प्राइवेट लैब्स में यह जांच बहुत महंगी है, लेकिन दिल्ली के हर नवजात बच्चे की दिल्ली सरकार फ्री में जांच कराएगी।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, नवजात शिशुओं में कई ऐसी आनुवंशिक बीमारियां होती हैं, जिनका शुरुआती चरण में पता चल जाए तो उनका प्रभाव काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस योजना को लागू करने का निर्णय लिया है, ताकि बच्चों को जीवन की शुरुआत से ही बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा मिल सके।

इस पहल के तहत सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों की स्क्रीनिंग की जाएगी, जिसमें खून के नमूनों के जरिए विभिन्न जेनेटिक और मेटाबॉलिक बीमारियों की जांच की जाएगी। इससे उन परिवारों को विशेष लाभ मिलेगा, जो महंगी निजी जांच नहीं करवा पाते।

सरकार का दावा है कि यह योजना “हेल्दी और स्मार्ट दिल्ली” के विजन का अहम हिस्सा है, जिसमें टेक्नोलॉजी और स्वास्थ्य सेवाओं को जोड़कर नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा, स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने, अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने और डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड को बढ़ावा देने जैसे कदम भी बजट में शामिल हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल दीर्घकाल में स्वास्थ्य खर्च को कम करने में मदद कर सकती है, क्योंकि शुरुआती पहचान से जटिल और महंगे इलाज की जरूरत कम हो जाती है। साथ ही, यह बच्चों के जीवन स्तर और विकास को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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