पटना, 13 मार्च 2026 । शहरी यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए किए गए हालिया आकलन में विभिन्न जिलों के ट्रैफिक मैनेजमेंट की रैंकिंग सामने आई है। इस मूल्यांकन में यह देखा गया कि किस जिले ने ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए और कहां अभी भी सुधार की जरूरत है।
बिहार में औसतन प्रतिवर्ष 11 हजार से अधिक सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इनमें 9 से साढ़े 9 हजार लोगों की मौत हो जाती है। इन आंकड़ों में प्रतिवर्ष कम से कम 10 फीसदी की कमी लाने के उदेश्य से राज्य के सभी 40 पुलिस जिलों में बेहतर यातायात प्रबंधन और सुचारू ट्रैफिक बहाल करने से संबंधित मानकों को लागू किया गया है। इससे संबंधित 10 मानक निर्धारित किए गए हैं। इन अलग-अलग मानकों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले जिलों को उनके प्रदर्शन के हिसाब से अंक दिए जाते हैं।
जानिए ट्रैफिक में टॉप और फिसड्डी 5-5 जिलों के नाम
ट्रैफिक में साल 2025 में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले टॉप-5 जिलों का चयन किया गया है। इसमें पूर्णिया, सारण, लखीसराय, कटिहार और शेखपुरा शामिल हैं। इसके विपरित खराब प्रदर्शन करने वाले 5 जिलों में सहरसा, मधुबनी, जहानाबाद, नालंदा और नवगछिया शामिल हैं। खराब प्रदर्शन करने वाले जिलों को सभी निर्धारित मानकों में अपनी स्थिति को बेहतर करने के निर्देश दिए गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक कुछ जिलों ने ट्रैफिक प्रबंधन, सिग्नल सिस्टम, सड़क चौड़ीकरण और जाम कम करने जैसे उपायों में अच्छा प्रदर्शन किया। इन जिलों में यातायात नियंत्रण, निगरानी और सड़क व्यवस्था को लेकर बेहतर समन्वय देखने को मिला। वहीं कुछ जिलों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर पाया गया, जहां ट्रैफिक जाम और अव्यवस्थित यातायात की समस्या अब भी बनी हुई है।
खास तौर पर शहरों में बने ट्रैफिक चोक पॉइंट को हटाने की योजना में कई जिलों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। रिपोर्ट के अनुसार अधिकतर स्थानों पर चोक पॉइंट हटाने या वैकल्पिक मार्ग विकसित करने की प्रक्रिया धीमी रही, जिसके कारण यातायात व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया।
विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के कारण शहरों में ट्रैफिक प्रबंधन बड़ी चुनौती बन चुका है। ऐसे में केवल सड़क चौड़ीकरण ही नहीं, बल्कि बेहतर योजना, स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम और सख्त निगरानी की भी जरूरत होती है।
प्रशासन का कहना है कि जिन जिलों का प्रदर्शन कमजोर रहा है, वहां सुधार के लिए नई रणनीति बनाई जाएगी। ट्रैफिक चोक पॉइंट को चिन्हित कर उन्हें हटाने और वैकल्पिक मार्ग विकसित करने की दिशा में भी काम तेज करने की योजना है।