मोदी का कांग्रेस पर तीखा हमला: बोले—घुसपैठियों से जमीन पर कब्जा कराया गया
गुवाहाटी, 17 जनवरी 2026 । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर बड़ा और सीधा आरोप लगाते हुए कहा है कि कांग्रेस की नीतियों और संरक्षण की वजह से देश के कई हिस्सों में घुसपैठियों को जमीन पर कब्जा करने का मौका मिला। एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह सिर्फ सुरक्षा का नहीं, बल्कि देश की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संरचना से जुड़ा गंभीर मुद्दा है, जिसे लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को असम में कहा कि कांग्रेस असम को अपना नहीं मानती। आजादी के बाद असम के सामने कई चुनौतियां थीं। कांग्रेस ने समस्या का समाधान नहीं निकाला। जब जरूरत अपने लोगों के जख्म भरने, उनकी सेवा करने की थी तब कांग्रेस ने घुसपैठियों की सेवा की।
ये घुसपैठिये कांग्रेस के कट्टर वोटर हैं। ये लोग जमीन पर कब्जा करते रहे, कांग्रेस उनकी मदद करती रही। हिमंता सरकार आज लाखों बीघा जमीन को घुसपैठियों से मुक्त करा रही है। एक समय यहां आए दिन रक्तपात होते थे, आज संस्कृति के रंग सज रहे हैं। पहले जहां, कर्फ्यू का सन्नाटा होता था। आज संगीत गूंज रहा है।
पीएम गुवाहाटी के सरुसजाई स्टेडियम में आयोजित ‘बागुरुम्बा दोहोउ 2026’ में शामिल हुए। यह बोडो समुदाय का पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम है। इससे पहले एयरपोर्ट से स्टेडियम तक पीएम ने रोड शो निकाला।
मोदी रात में गुवाहाटी में रुकेंगे। रविवार को कालियाबोर जाएंगे, यहां ₹6,957 करोड़ के काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर की आधारशिला रखेंगे। इससे पहले दोपहर में पीएम पश्चिम बंगाल के मालदा पहुंचे थे।
सरकार के कदमों का जिक्र
अपने संबोधन में मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने अवैध घुसपैठ रोकने और कब्जाई गई जमीन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सीमाओं की सुरक्षा मजबूत करने, पहचान और दस्तावेज़ीकरण की प्रक्रिया को सख्त बनाने तथा कानून के तहत कार्रवाई का जिक्र किया। पीएम मोदी के अनुसार, इन कदमों का उद्देश्य किसी समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि देश के कानून और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना है।
कांग्रेस का पलटवार तय माना जा रहा
पीएम मोदी के इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है। कांग्रेस की ओर से पहले भी ऐसे आरोपों को खारिज करते हुए कहा जाता रहा है कि भाजपा मुद्दों का राजनीतिकरण कर रही है। माना जा रहा है कि इस बयान के बाद दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होगा।
चुनावी माहौल में बयान के मायने
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बयान चुनावी माहौल में सुरक्षा, पहचान और जमीन जैसे संवेदनशील मुद्दों को केंद्र में लाता है। इससे समर्थकों को एक स्पष्ट संदेश जाता है, वहीं विपक्ष पर दबाव भी बढ़ता है।