गुजरात–कर्नाटक में 7 कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

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नई दिल्ली, 06 जनवरी 2026 । गुजरात और कर्नाटक में स्थित 7 अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। धमकी मिलने के बाद संबंधित कोर्ट परिसरों को तत्काल खाली कराया गया और सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर न्यायिक संस्थानों की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थलों पर खतरे की आशंकाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

गुजरात, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में मंगलवार को अलग-अलग जगहों पर बम से उड़ाने की धमकियां मिलीं। गुजरात की छह कोर्ट, उत्तर प्रदेश के मऊ रेलवे स्टेशन पर ट्रेन और कर्नाटक के मैसुरु जिला कोर्ट को धमकी दी गई। सभी मामलों में पुलिस और बम स्क्वॉड ने मौके पर जांच की, लेकिन किसी भी कोर्ट या ट्रेन से कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।

वहीं, केरल के कन्नूर जिले में पुलिस ने दो अलग-अलग स्थानों से 12 देसी विस्फोटक उपकरण बरामद किए हैं। सभी मामलों की जांच की जा रही है।

धमकी की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल भी जांच में जुट गई है। माना जा रहा है कि धमकी ई-मेल या डिजिटल माध्यम से भेजी गई, जिसके स्रोत और आईपी एड्रेस का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी जानने में लगी हैं कि यह किसी संगठित साजिश का हिस्सा है या फिर दहशत फैलाने की कोशिश।

न्यायिक कार्यवाही पर असर न पड़े, इसके लिए प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर भी विचार कर रहा है। कई जगहों पर सुनवाई अस्थायी रूप से स्थगित की गई, जबकि कुछ अदालतों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए। वकीलों और न्यायिक कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के वर्षों में सार्वजनिक संस्थानों को निशाना बनाकर दी जाने वाली धमकियों में इजाफा हुआ है, जिनका उद्देश्य अक्सर दहशत फैलाना और प्रशासनिक तंत्र को दबाव में लाना होता है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और सख्त जांच ही सबसे प्रभावी जवाब मानी जाती है।

गुजरात और कर्नाटक में अदालतों को मिली इस धमकी ने कानून-व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। अब सभी की नजरें जांच के नतीजों पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि इसके पीछे कौन है और क्या इसका कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।

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