RBI Monetary Policy: सस्ते नहीं होंगे होम लोन! ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं, पॉलिसी के बाद शेयर बाजार में जोरदार तेजी

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नई दिल्ली: RBI Monetary Policy 2021 Update: आपके Home Loan और Car Loan पर EMI कम नहीं होगी. RBI की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. MPC की बैठक के बाद रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांता दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि MPC के सभी सदस्यों ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है. 

रेपो रेट, रिवर्स रेपो रेट में बदलाव नहीं 

सभी सदस्य ब्याज दरों में किसी तरह के बदलाव के पक्ष में नहीं थे. RBI के फैसले के बाद रेपो रेट 4 परसेंट पर बरकरार रहेगा, ये वो रेट होता है जिस पर बैंक्स रिजर्व बैंक से कर्ज लेते हैं. रिवर्स रेपो रेट भी 3.35 परसेंट पर ही बरकरार है, ये वो रेट होता है जिस पर बैंक अपना पैसा रिजर्व बैंक के पास रखते हैं. MSF और बैंक दरों में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है. 

लॉकडाउन का असर ग्रोथ पर दिखेगा: RBI 

RBI गवर्नर शक्तिकांता दास ने कहा कि कोरोना महामारी को देखते हुए की राज्यों में लॉकडाउन की स्थिति है, जिसका असर ग्रोथ रिकवरी पर दिख सकता है. रिजर्व बैंक के पॉलिसी ऐलानों का शेयर बाजार पर पॉजिटिव असर हुआ, शेयर बाजारों में पॉलिसी के बाद तेजी बढ़ी है. बाजार दिन के ऊपरी स्तरों पर पहुंच गए. 

RBI मॉनिटरी पॉलिसी की बड़ी बातें 

1- MPC ने रेपो रेट, रिवर्स रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है. रेपो रेट 4 परसेंट, रिवर्स रेपो रेट 3.35 परसेंट पर बरकरार 
2- MPC ने कोरोना और लॉकडाउन के बढ़ते खतरों को देखते हुए GDP के लक्ष्य में कोई बदलाव नहीं किया है. रिजर्व बैंक का ग्रोथ अनुमान वित्त वर्ष 2022 के लिए अब भी 10.5 परसेंट पर बरकरार है. 
3- वित्त वर्ष 2022 की पहली तिमाही के लिए GDP ग्रोथ आउटलुक 22.6 परसेंट है, जबकि दूसरी तिमाही में ये 8.2 परसेंट रहने का अनुमान है 
4- ग्लोबल ग्रोथ स्लोडाउन से रिकवर हो रही है, लेकिन अनिश्चतता बरकरा है. वैक्सीन डिस्ट्रीब्यूशन और इसका प्रभाव ग्लोबल इकोनॉमिक रिकवरी को तय करेगा 
5- कोरोना का असर खत्म होने तक जबतक जरूरी होगा “accommodative” रुख कायम रहेगा, यानी ब्याज दरों में नरमी की उम्मीद आगे भी की जा सकती है
6- RBI ने महंगाई को लेकर कहा कि 6 महीने तक इसमें तेजी देखने को मिलेगी इसके बाद साल के अंत में इसमें नरमी दिखना शुरू होगी. वित्त वर्ष 2021 की चौथी तिमाही में रीटेल महंगाई दर (CPI) 5 परसेंट रहने का अनुमान है, जो कि पहले 5.2 परसेंट थी. 
7- वित्त वर्ष 2022 की पहली और दूसरी तिमाही में रीटेल महंगाई का अनुमान 5.2 परसेंट है. तीसरी तिमाही में ये 4.4 परसेंट और चौथी तिमाही में 5.1 परसेंट रहने का अनुमान है. 
8 – रिजर्व बैंक ने पेमेंट सिस्टम को लेकर बड़ा ऐलान किया है, बैंक के अलावा भी RTGS, NEFT की सुविधा मिलेगी. 
9- RBI ने फिनटेक और पेमेंट कंपनियों को सेंट्रलाइज्ड पेमेंट सिस्टम का हिस्सा बनने की इजाजत दे दी है 
10- पेमेंट बैंक्स अब किसी व्यक्ति से 2 लाख रुपये तक का डिपॉजिट जमा कर सकते हैं, अबतक ये रकम 1 लाख रुपये की थी

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