यूपी में प्राकृतिक आपदा से मौत पर अब ₹8 लाख मुआवजा
सीएम योगी ने दोगुनी की सहायता राशि; किसानों को भी बड़ी राहत
लखनऊ, 06 नवंबर 2026 | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों और किसानों को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब प्राकृतिक आपदा में किसी व्यक्ति की मौत होने पर उसके परिजनों को ₹4 लाख के बजाय ₹8 लाख की आर्थिक सहायता मिलेगी। यानी मुआवजे की राशि दोगुनी कर दी गई है। इसके साथ ही फसल और अन्य नुकसान के लिए मिलने वाली सहायता में भी करीब 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लाखों प्रभावित किसानों और परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
आपदा में मौत पर 8 लाख की मदद
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्राकृतिक या अन्य आपदाओं की स्थिति में नुकसान झेलने वाले लोगों की आर्थिक मदद में वृद्धि कर दी है। इससे प्रभावित होने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। प्राकृतिक आपदाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को अब 4 लाख की जगह 8 लाख रुपये की मदद राशि दी जाएगी।
किसानों को फसल नुकसान पर 25 से 30 प्रतिशत ज्यादा सहायता
सरकार ने किसानों को भी राहत देते हुए फसल नुकसान के मुआवजे में बढ़ोतरी की है। प्राकृतिक आपदाओं के कारण खड़ी फसल बर्बाद होने पर अब पहले से अधिक सहायता मिलेगी।
रिपोर्ट के मुताबिक, सिंचित फसल के नुकसान पर सहायता राशि ₹17,000 प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर ₹22,000 कर दी गई है। वहीं बारिश से फसल को हुए नुकसान पर मिलने वाली मदद ₹8,500 प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर ₹11,000 कर दी गई है। इन बदलावों से किसानों को खेती में हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई करने में मदद मिलेगी।
पशुओं की मौत पर भी बढ़ा मुआवजा
प्राकृतिक आपदा में पशुधन का नुकसान उठाने वाले किसानों और पशुपालकों के लिए भी सहायता राशि बढ़ाई गई है। नई दरों के अनुसार:
- गाय, भैंस, घोड़े और ऊंट जैसे बड़े पशुओं की मौत पर सहायता ₹40,000 से बढ़ाकर ₹50,000।
- बकरी, भेड़ और सूअर जैसे छोटे पशुओं के लिए ₹4,000 से बढ़ाकर ₹5,500।
- गधे और खच्चर जैसे भार ढोने वाले पशुओं के लिए ₹20,000 से बढ़ाकर ₹25,400।
- मुर्गीपालकों को प्रति मुर्गी सहायता ₹100 से बढ़ाकर ₹130 की गई है। यह सहायता 100 मुर्गियों तक के नुकसान के लिए निर्धारित है।
10 लाख से ज्यादा किसानों को मिल सकता है लाभ
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में 1 अप्रैल से 4 नवंबर 2026 के बीच प्राकृतिक आपदाओं के कारण 10,02,684 किसानों की फसल प्रभावित हुई। इस दौरान करीब 52.14 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसल को नुकसान पहुंचा। इसके अलावा 3,537 पशुओं की मौत भी दर्ज की गई।
सरकार ने इसी अवधि में हुए नुकसान की भरपाई के लिए सहायता के नए मानक लागू किए हैं। इससे 10 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
DBT के जरिए बैंक खातों में पहुंचेगी सहायता राशि
सरकार ने राहत राशि के वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने पर भी जोर दिया है। व्यक्तिगत लाभार्थियों को मिलने वाली आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी।
इसके लिए प्रभावित परिवारों और किसानों के नुकसान का आकलन किया जाएगा। जिला प्रशासन के स्तर पर पात्र लाभार्थियों की पहचान और सत्यापन के बाद सहायता राशि जारी की जाएगी। राहत आयुक्त कार्यालय ने जिलाधिकारियों से निर्धारित अवधि में हुए नुकसान की रिपोर्ट भी मांगी है।
आपदा प्रभावित परिवारों और किसानों को मिलेगी राहत
योगी सरकार के इस फैसले से प्राकृतिक आपदा के कारण परिवार के सदस्य, फसल, पशुधन या मकान का नुकसान उठाने वाले लोगों को पहले से अधिक आर्थिक सहायता मिल सकेगी। मुआवजे की नई दरें आपदा प्रभावित लोगों के लिए महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, सहायता पाने के लिए संबंधित आपदा और नुकसान का निर्धारित नियमों के अनुसार सत्यापन जरूरी होगा।