पीवी सिंधु और लक्ष्य सेन ने जीते हाइलो ओपन के खिताब, भारत का डबल धमाका

जर्मनी में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन। सिंधु ने डेनमार्क की लाइन क्येर्सफेल्ड्ट और लक्ष्य ने इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी को हराकर महिला और पुरुष सिंगल्स के खिताब अपने नाम किए।

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सारब्रुकेन, जर्मनी, 3 नवंबर 2026 | भारतीय बैडमिंटन के लिए 1 नवंबर का दिन बेहद खास रहा। भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु और युवा खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने जर्मनी में आयोजित हाइलो ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला और पुरुष सिंगल्स के खिताब जीत लिए। दोनों खिलाड़ियों ने अपने-अपने फाइनल मुकाबले सीधे गेम में जीतकर भारत को दोहरी सफलता दिलाई।

यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों खिलाड़ी पिछले कुछ समय से अपने प्रदर्शन में निरंतरता हासिल करने की कोशिश कर रहे थे। हाइलो ओपन में मिली सफलता ने उनके आत्मविश्वास को मजबूत किया है।

पीवी सिंधु ने डेनमार्क की खिलाड़ी को दी मात

महिला सिंगल्स के फाइनल में दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु का मुकाबला डेनमार्क की लाइन होजमार्क क्येर्सफेल्ड्ट से हुआ। सिंधु ने शुरुआत से ही आक्रामक और नियंत्रित खेल दिखाया। उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी को ज्यादा मौके नहीं दिए और 39 मिनट में 21-12, 21-14 से मुकाबला जीत लिया।

सिंधु की तेज स्मैश, शानदार नेट प्ले और कोर्ट पर बेहतर मूवमेंट ने उन्हें पूरे मुकाबले में बढ़त बनाए रखने में मदद की। इस जीत के साथ उन्होंने सीजन का अपना दूसरा बड़ा बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब हासिल किया। इससे पहले उन्होंने जुलाई में जापान ओपन का खिताब जीता था।

सिंधु के लिए यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि वह पिछले सप्ताह फ्रेंच ओपन के फाइनल में पहुंची थीं, जहां उन्हें उपविजेता रहना पड़ा था। लगातार दूसरे बड़े टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचना और फिर खिताब जीतना उनके शानदार फॉर्म की वापसी का संकेत है।

लक्ष्य सेन ने जोनाथन क्रिस्टी को हराया

पुरुष सिंगल्स के फाइनल में लक्ष्य सेन के सामने इंडोनेशिया के मजबूत खिलाड़ी जोनाथन क्रिस्टी की चुनौती थी। लक्ष्य ने मुकाबले की शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और अपने तेज स्मैश तथा बेहतरीन नेट प्ले से प्रतिद्वंद्वी पर दबाव बनाया।

पहले गेम में क्रिस्टी ने वापसी की कोशिश की, लेकिन लक्ष्य ने धैर्य बनाए रखते हुए 21-17 से गेम अपने नाम किया। दूसरे गेम में भारतीय खिलाड़ी ने और भी बेहतर प्रदर्शन किया और 21-10 से जीत दर्ज कर खिताब पर कब्जा जमा लिया। पूरा फाइनल मुकाबला 39 मिनट चला।

इस जीत के साथ लक्ष्य ने हाइलो ओपन में दूसरी बार पुरुष सिंगल्स का खिताब जीता। इससे पहले उन्होंने 2019 में भी यह टूर्नामेंट अपने नाम किया था, हालांकि उस समय यह सुपर 100 श्रेणी का आयोजन था। इस बार सुपर 500 खिताब जीतना उनके करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

लक्ष्य ने जीत के बाद कहा कि कुछ शुरुआती दौर की हार से उनका आत्मविश्वास प्रभावित हुआ था, लेकिन इस टूर्नामेंट में पहले मैच से ही अच्छा प्रदर्शन करने से उनका भरोसा वापस लौटा।

सेमीफाइनल में भी दिखाया दम

फाइनल से पहले सिंधु ने सेमीफाइनल में भारत की ही अनमोल खरब को 21-13, 21-16 से हराया था। वहीं लक्ष्य सेन ने फ्रांस के टोमा जूनियर पोपोव को 21-17, 21-13 से मात देकर फाइनल में जगह बनाई थी।

इस तरह दोनों खिलाड़ियों ने फाइनल तक पहुंचने के लिए मजबूत अंतरराष्ट्रीय प्रतिद्वंद्वियों को हराया और खिताब जीतकर अपने अभियान का शानदार अंत किया।

रैंकिंग और भारतीय बैडमिंटन को मिला फायदा

हाइलो ओपन में मिली जीत से सिंधु को 9,200 रैंकिंग अंक मिले, जिससे सीजन के अंत में होने वाले बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल्स के लिए उनकी दावेदारी मजबूत हुई। लक्ष्य के लिए यह खिताब इस साल का पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब रहा।

दोनों खिलाड़ियों की जीत भारतीय बैडमिंटन के लिए उत्साह बढ़ाने वाली है। सिंधु का अनुभव और लक्ष्य की आक्रामक खेल शैली आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत की उम्मीदों को मजबूत करती है। अब प्रशंसकों की नजर इस बात पर रहेगी कि दोनों खिलाड़ी अपनी इस लय को अगले टूर्नामेंटों में भी बरकरार रख पाते हैं या नहीं।

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