पीलीभीत वोटर लिस्ट गड़बड़ी: दो SDM सस्पेंड, चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन
मतदाता सूची में 10,470 संदिग्ध एंट्री मिलने के बाद चुनाव आयोग सख्त, जिले की चारों विधानसभा सीटों की वोटर लिस्ट का दोबारा होगा सत्यापन।
पीलीभीत, उत्तर प्रदेश , 2 नवंबर 2026 | उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। भारत निर्वाचन आयोग ने इस मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए दो निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्देश दिया है। दोनों अधिकारी SDM रैंक के हैं।
यह मामला पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि 31 मई से 29 अगस्त 2026 के बीच मतदाताओं के विवरण में सुधार के लिए फॉर्म-8 के जरिए 13,779 आवेदन दर्ज किए गए थे। इनमें से 10,470 आवेदन मंजूर हुए, लेकिन संबंधित कार्यालय में इन आवेदनों के भौतिक फॉर्म और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं मिले।
चुनाव आयोग ने मामले में पहले से दर्ज FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 198 जोड़ने का निर्देश भी दिया है। इस मामले में दोनों अधिकारियों के साथ मतदाता पंजीकरण केंद्र के कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार का नाम भी शामिल है।
आयोग ने पीलीभीत जिले की चारों विधानसभा सीटों की मतदाता सूचियों का दोबारा सत्यापन कराने और एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन से जुड़े फॉर्म-6, 7 और 8 की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
अब जांच रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कि इस पूरे मामले में किन अधिकारियों और कर्मचारियों की क्या भूमिका रही।