यूपी चुनाव से पहले BJP की बड़ी तैयारी, नितिन नवीन से लेकर शिवराज चौहान तक निकालेंगे पदयात्रा

0

लखनऊ ,02 नवंबर 2026 | उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों में बड़ी पदयात्राएं निकालने जा रही है। इन कार्यक्रमों में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और जेपी नड्डा समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।

बीजेपी का यह अभियान 3 से 5 नवंबर 2026 तक चलेगा। पार्टी ने हर पदयात्रा में कम से कम 25 हजार लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखा है। इन यात्राओं के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों के बीच अपनी बात पहुंचाने के साथ-साथ विपक्ष के चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देना चाहती है।

जेपी नड्डा की बरेली और शिवराज चौहान की लखनऊ में पदयात्रा

शिवराज सिंह चौहान 3 नवंबर को लखनऊ के अवध क्षेत्र में पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे। वहीं, जेपी नड्डा ब्रज क्षेत्र के बरेली में एक मार्च का नेतृत्व करेंगे। 4 नवंबर को, नितिन नवीन गोरखपुर में पदयात्रा निकालेंगे और केशव प्रसाद मौर्य प्रयागराज में मार्च का नेतृत्व करेंगे।

छह क्षेत्रों में निकाली जाएंगी पदयात्राएं

बीजेपी ने उत्तर प्रदेश को छह संगठनात्मक क्षेत्रों में बांटकर पदयात्राओं का कार्यक्रम तैयार किया है। हर क्षेत्र में वरिष्ठ नेता मार्च का नेतृत्व करेंगे या उसमें शामिल होंगे।

पार्टी का कार्यक्रम इस प्रकार है:

तारीख क्षेत्र और शहर नेतृत्व करने वाले नेता
3 नवंबर अवध क्षेत्र, लखनऊ शिवराज सिंह चौहान
3 नवंबर ब्रज क्षेत्र, बरेली जेपी नड्डा
4 नवंबर गोरखपुर क्षेत्र, गोरखपुर नितिन नवीन
4 नवंबर काशी क्षेत्र, प्रयागराज केशव प्रसाद मौर्य
5 नवंबर पश्चिम क्षेत्र, गाजियाबाद योगी आदित्यनाथ
5 नवंबर कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र, कानपुर ब्रजेश पाठक

इन कार्यक्रमों में प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता भी शामिल होंगे।

हर पदयात्रा में 25 हजार लोगों को जुटाने का लक्ष्य

बीजेपी ने प्रत्येक क्षेत्रीय पदयात्रा में कम से कम 25 हजार लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा है। पार्टी इन यात्राओं में केवल कार्यकर्ताओं को ही नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को भी शामिल करना चाहती है।

इसके लिए नागरिक संगठनों, व्यापारियों, किसानों, युवाओं, शिक्षकों, वकीलों और अन्य सामाजिक समूहों से संपर्क करने की योजना है। पार्टी का उद्देश्य पदयात्राओं के जरिए अपनी राजनीतिक दलीलें सीधे जनता तक पहुंचाना है।

‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत आयोजन

इन पदयात्राओं को बीजेपी के महीनेभर चलने वाले ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान का हिस्सा बनाया गया है। यह अभियान विपक्षी INDIA गठबंधन की ओर से चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया को लेकर किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों के जवाब में चलाया जा रहा है।

बीजेपी का आरोप है कि विपक्ष चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भ्रम फैला रहा है। वहीं, विपक्ष मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठा रहा है।

ऐसे में बीजेपी पदयात्राओं के जरिए अपने पक्ष को जनता के सामने रखने और चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की तैयारी कर रही है।

पदयात्राओं के साथ 200 युवा सम्मेलन भी होंगे

बीजेपी की चुनावी तैयारी केवल पदयात्राओं तक सीमित नहीं है। पार्टी प्रदेश में करीब 200 युवा सम्मेलन आयोजित करने की भी योजना बना रही है। इसके अलावा किसानों के साथ सामुदायिक भोज और सामाजिक संपर्क कार्यक्रम भी किए जाएंगे।

पार्टी की रणनीति में युवाओं, महिलाओं, किसानों, व्यापारियों और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं तक पहुंच बनाना शामिल है। विधानसभा क्षेत्रों में संगठनात्मक जिम्मेदारियां तय करने और बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

2027 चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने की कोशिश

उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण होगा। बीजेपी ने इससे पहले संगठन की जमीनी स्थिति मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और अलग-अलग सामाजिक वर्गों तक पहुंचने की योजना बनाई है।

छह क्षेत्रों में होने वाली पदयात्राएं इसी व्यापक तैयारी का हिस्सा हैं। पार्टी इन कार्यक्रमों के जरिए अपनी संगठनात्मक ताकत दिखाने के साथ-साथ विपक्ष के मुद्दों का राजनीतिक जवाब भी देना चाहती है।

अब देखना होगा कि 3 से 5 नवंबर तक होने वाले इन आयोजनों में पार्टी कितनी बड़ी भागीदारी जुटा पाती है और इसका असर आगामी चुनाव की तैयारियों पर किस तरह पड़ता है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.