मुंबई , 29 अक्टूबर 2026 | फिल्म निर्माता और निर्देशक केसी बोकाडिया अभिनेता नाना पाटेकर को याद करते हुए भावुक हो गए। 29 अक्टूबर 2026 को सामने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, बोकाडिया ने एक साक्षात्कार में नाना पाटेकर के साथ अपने जुड़ाव और उनकी अभिनय प्रतिभा पर बात की। उन्होंने कहा कि नाना के जाने से उन्हें गहरा सदमा लगा और उनके जैसा अभिनेता मिलना मुश्किल है।
बोकाडिया ने नाना पाटेकर के अभिनय की सहजता को उनकी सबसे बड़ी खासियत बताया। उनके मुताबिक, नाना पर्दे पर आम आदमी के हाव-भाव, बोलचाल और व्यवहार को इस तरह पेश करते थे कि दर्शक उनके किरदारों से आसानी से जुड़ जाते थे।
बॉलीवुड डायरेक्टर केसी बोकाडिया अभिनेता नाना पाटेकर को याद करते हुए भावुक हो गए। दैनिक भास्कर से बातचीत में केसी बोकाडिया ने कहा कि नाना पाटेकर के जाने का झटका उन्हें गहराई से लगा था और वे उन्हें अपने बेहद करीब मानते थे।
बोकाडिया के अनुसार, नाना पाटेकर का अभिनय किसी आम आदमी के व्यवहार जैसा स्वाभाविक था, जिसे दर्शकों ने हमेशा बहुत पसंद किया। उन्होंने कहा कि पूरा देश आज भी नाना पाटेकर को याद करता है और उनके जाने से हुई कमी को कोई पूरा नहीं कर सकता।
इसके अलावा उन्होंने अपने टीवी शो ‘संस्कार’ की सफलता, फिल्म इंडस्ट्री में आए बदलावों पर भी बात की।
‘उनके जैसा दूसरा अभिनेता मिलना मुश्किल’
केसी बोकाडिया ने नाना पाटेकर की अभिनय शैली की तारीफ करते हुए कहा कि उनके अभिनय में बनावट नहीं थी। वह अपने किरदारों को वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़कर पेश करते थे। संवादों पर उनकी पकड़ और भावनाओं को व्यक्त करने का तरीका उन्हें दूसरे कलाकारों से अलग पहचान देता था।
नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी सिनेमा में कई यादगार भूमिकाएं निभाईं। गंभीर किरदारों से लेकर प्रभावशाली संवादों वाले पात्रों तक, उन्होंने अपनी अभिनय क्षमता से अलग पहचान बनाई। उनके काम ने उन्हें भारतीय सिनेमा के प्रमुख अभिनेताओं में स्थान दिलाया।
नाना के जाने से लगा गहरा सदमा
बोकाडिया ने बातचीत के दौरान नाना पाटेकर से अपने भावनात्मक जुड़ाव का जिक्र किया। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि किसी करीबी के जाने से उन्हें पहली बार इतना गहरा झटका लगा। उन्होंने नाना के परिवार से मिलने और उनकी पत्नी के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करने की इच्छा भी जताई।
नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 8 अक्टूबर 2026 को उनके निधन पर शोक व्यक्त किया था और हिंदी तथा मराठी सिनेमा में उनके योगदान को याद किया था।
पारिवारिक फिल्मों की कमी पर भी बोले बोकाडिया
साक्षात्कार में केसी बोकाडिया ने फिल्म उद्योग में आए बदलावों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि अच्छी पारिवारिक फिल्मों की कमी के कारण दर्शकों का सिनेमाघरों में आना प्रभावित हुआ है। उनके अनुसार, पहले उनकी फिल्मों को देखने के लिए सिनेमाघरों के बाहर लंबी कतारें लगती थीं।
बोकाडिया ने अपने करियर की फिल्मों ‘प्यार झुकता नहीं’, ‘तेरी मेहरबानियां’, ‘आज का अर्जुन’, ‘फूल बने अंगारे’ और ‘लाल बादशाह’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने फिल्म निर्माण में सामाजिक संदेश और कहानी के उद्देश्य को महत्वपूर्ण बताया।
नाना पाटेकर की विरासत रहेगी यादगार
केसी बोकाडिया की भावुक प्रतिक्रिया से नाना पाटेकर के अभिनय और उनके व्यक्तिगत प्रभाव का पता चलता है। नाना ने अपने लंबे करियर में ऐसे कई किरदार निभाए, जिन्हें दर्शक आज भी याद करते हैं। उनके अभिनय की विशिष्टता, संवाद अदायगी और वास्तविकता से जुड़ा अंदाज हिंदी तथा मराठी सिनेमा की विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहेगा।