लखनऊ ट्रिपल मर्डर केस: छह गिरफ्तार, आरोपी के मकान पर कार्रवाई
पार्किंग और चबूतरे को लेकर हुए विवाद में तीन लोगों की हत्या के बाद पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मृतक की बेटी ने परिवार की सुरक्षा, सरकारी नौकरी और शिक्षा का खर्च उठाने की मांग की। प्रशासन ने आरोपी के मकान को सील कर अनधिकृत निर्माण पर कार्रवाई की।
लखनऊ, 28 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता स्थित ब्राह्मणी टोला में तीन लोगों की हत्या के मामले में पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई जारी है। यह घटना 26 अक्टूबर 2026 को हुई थी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, खाली जमीन पर वाहन खड़ा करने और बरगद के पेड़ के पास चबूतरा बनाने को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान गोलीबारी में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई।
मृतकों की पहचान शिवाजी तिवारी, उनके भाई शंभू तिवारी और शिवाजी के बेटे सुयश तिवारी के रूप में हुई है। पुलिस ने मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला को घटना के दिन ही गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद पांच अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिससे कुल गिरफ्तारियों की संख्या छह हो गई। पुलिस ने हथियार और कारतूस बरामद करने की भी जानकारी दी है।
मृतक की बेटी ने रखीं मांगें
घटना के बाद मृतक की बेटी ने परिवार के लिए आर्थिक सहायता, मां को सरकारी नौकरी, अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने और परिवार को आजीवन सुरक्षा देने की मांग की। उसने आरोपी के मकान पर बुलडोजर चलाने की मांग भी रखी। परिवार की मांगों को लेकर स्थानीय स्तर पर प्रदर्शन हुआ और अंतिम संस्कार में देरी हुई।
आरोपी के मकान पर प्रशासन की कार्रवाई
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने आरोपी के मकान को स्वीकृत भवन नक्शा नहीं होने के आधार पर सील किया। अधिकारियों के अनुसार, परिसर की चारदीवारी के अनधिकृत हिस्से को भी ध्वस्त किया गया। कार्रवाई भवन निर्माण संबंधी नियमों के तहत की गई।
पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई
मामले में कथित लापरवाही को लेकर सआदतगंज थाना प्रभारी और कश्मीरी मोहल्ला चौकी प्रभारी को निलंबित किया गया है। पुलिस ने जांच जारी रखी है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पीड़ित परिवार को सहायता, सुरक्षा और मृतक की बेटी की पढ़ाई से संबंधित आश्वासन दिए। आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई और मामले की फास्ट ट्रैक अदालत में सुनवाई कराने की बात भी कही गई है।
फिलहाल, मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है। आरोपियों के दोष का अंतिम निर्णय अदालत करेगी।