नई दिल्ली, 22 अक्टूबर 2026। रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और दूरसंचार इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) खुलते ही निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बन गया। 21 अक्टूबर को शुरू हुए इस निर्गम को पहले दिन उपलब्ध शेयरों के मुकाबले लगभग 3.1 गुना बोलियां मिलीं। इसके साथ ही यह भारत के सबसे बड़े IPO में शामिल हो गया।
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, पहले दिन सार्वजनिक निर्गम के लिए करीब ₹69,713 करोड़ की बोलियां प्राप्त हुईं। वहीं, योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) की श्रेणी में लगभग 9.4 गुना अभिदान दर्ज किया गया। इससे स्पष्ट हुआ कि बड़े संस्थागत निवेशकों ने इस पेशकश में खास दिलचस्पी दिखाई। हालांकि, खुदरा निवेशकों की श्रेणी पहले दिन पूरी तरह अभिदान प्राप्त नहीं कर सकी।
जियो प्लेटफॉर्म्स भारत के दूरसंचार और डिजिटल सेवा क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में शामिल है। कंपनी के पास 50 करोड़ से अधिक ग्राहक हैं। इसके कारोबार में मोबाइल कनेक्टिविटी, इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं की अहम भूमिका है। कंपनी के IPO को लेकर बाजार की दिलचस्पी का एक कारण भारत के डिजिटल क्षेत्र में उसकी मजबूत स्थिति भी मानी जा रही है।
इस निर्गम का मूल्य दायरा ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर निर्धारित किया गया है। सार्वजनिक सदस्यता 23 अक्टूबर 2026 को बंद होनी है, जबकि शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को प्रस्तावित है। इन तारीखों में किसी बदलाव के लिए आधिकारिक एक्सचेंज सूचना देखना जरूरी है।
हालांकि, IPO को मिली मजबूत मांग का अर्थ यह नहीं है कि निवेशकों को लिस्टिंग पर लाभ निश्चित रूप से मिलेगा। शेयर का वास्तविक प्रदर्शन बाजार की परिस्थितियों, कंपनी के वित्तीय नतीजों और निवेशकों की आगे की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा। इसलिए आवेदन करने से पहले निवेशकों को कंपनी के आधिकारिक दस्तावेज पढ़ने चाहिए और अपने जोखिम के अनुसार फैसला लेना चाहिए।