चंडीगढ़, हरियाणा, 22 अक्टूबर 2026| हरियाणा में बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने बिजली वितरण व्यवस्था में निजी कंपनी को समानांतर लाइसेंस दिए जाने के विरोध में तीन दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी है। यह हड़ताल 22 से 24 अक्टूबर तक प्रस्तावित है। कर्मचारियों के संयुक्त संघर्ष मोर्चे के अनुसार, आंदोलन बुधवार रात 10 बजे से शुरू हुआ।
गुरुग्राम और नूंह में निजी लाइसेंस का विरोध
विवाद की मुख्य वजह हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) का 19 अक्टूबर को गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के लिए निजी कंपनी को समानांतर लाइसेंस देने का फैसला है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि इससे सरकारी बिजली वितरण व्यवस्था, कर्मचारियों के हितों और किसानों तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को मिलने वाली सुविधाओं पर असर पड़ सकता है।
हड़ताल के दौरान बिजली निगम के कार्यालयों, शिकायत केंद्रों और फील्ड में मरम्मत संबंधी कार्य प्रभावित होने की आशंका है। हिसार सहित कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की खबरें भी सामने आई हैं। हालांकि, प्रभाव हर जिले और क्षेत्र में अलग-अलग हो सकता है।
सरकार ने उठाया कानूनी कदम
इस मामले में हरियाणा सरकार ने भी आयोग के फैसले को चुनौती देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बिजली कर्मचारियों के साथ खड़े होने और अपीलीय विद्युत न्यायाधिकरण (APTEL) में सरकार का पक्ष रखने की बात कही है। ऊर्जा मंत्री अनिल विज के अनुसार, सरकार फैसले पर रोक लगाने की मांग भी करेगी।
सरकार ने कर्मचारियों से जनहित में हड़ताल वापस लेने की अपील की है। वहीं, कर्मचारी संगठन लाइसेंस का फैसला वापस लेने की मांग पर कायम हैं।
आम उपभोक्ताओं पर क्या असर पड़ेगा?
हड़ताल के दौरान शिकायतों के निपटारे, तकनीकी खराबियों की मरम्मत और नए कनेक्शन संबंधी काम में देरी हो सकती है। अस्पतालों और जरूरी सेवाओं में बिजली की उपलब्धता बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
उपभोक्ताओं को बिजली संबंधी समस्या होने पर स्थानीय बिजली निगम या जिला प्रशासन के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर से संपर्क करना चाहिए। स्थिति सामान्य होने की समयसीमा जिले के अनुसार अलग हो सकती है।