देहरादून,21 अक्टूबर 2026 | उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को देहरादून स्थित पुलिस लाइन में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में शहीद पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को सम्मानित किया और देश की सुरक्षा के लिए उनके बलिदान को याद किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग को मजबूत बनाने, जवानों की सुविधाएं बढ़ाने और आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। इनमें उत्तराखंड पुलिस की विभिन्न इकाइयों में लगभग 1,600 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करना शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा में पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। पिछले एक वर्ष में देशभर में 154 जवानों ने कर्तव्य पालन के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया, जिनमें उत्तराखण्ड पुलिस के उपनिरीक्षक स्वर्गीय विनोद कुमार भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि शहीद पूरे देश का गौरव होते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नई दिल्ली में राष्ट्र को समर्पित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक वीर जवानों के त्याग और साहस का प्रतीक है।
थानों का बजट 4 करोड़ से बढ़ाकर 8 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने पुलिस थानों के आवश्यक कार्यों के लिए वार्षिक बजट बढ़ाने की भी घोषणा की। इसके तहत बजट को 4 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 8 करोड़ रुपये करने की बात कही गई।
उन्होंने विवेचकों को आधुनिक जांच किट उपलब्ध कराने और प्रदेश के सभी पुलिस मॉडर्न स्कूलों को बेहतर बनाने की घोषणा भी की। इन कदमों का उद्देश्य जांच की गुणवत्ता, पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता और विभागीय सुविधाओं में सुधार करना है।
पुलिसकर्मियों के आवास और स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने देहरादून में पुलिसकर्मियों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल और बहुमंजिला बैरक बनाने की घोषणा की। इसके अलावा देहरादून स्थित पुलिस अस्पताल का उच्चीकरण किया जाएगा, ताकि पुलिसकर्मियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।
पुलिस मॉडर्न स्कूलों में सुधार और विभागीय आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की योजनाएं भी घोषित की गईं। सरकार के अनुसार, पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर आवास, स्वास्थ्य और कार्यस्थल की सुविधाएं उपलब्ध कराना विभागीय कल्याण का अहम हिस्सा है।
साइबर अपराध और नशा तस्करी से निपटने पर फोकस
मुख्यमंत्री ने नशा तस्करी और साइबर अपराध को पुलिस के सामने बड़ी चुनौतियों में शामिल किया। उन्होंने बताया कि नशे की रोकथाम के लिए त्रिस्तरीय एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स गठित की गई है। वहीं, साइबर अपराध से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए करीब 32 करोड़ रुपये की लागत से स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर का निर्माण किया जा रहा है।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क के अंतर्गत क्विक रिस्पॉन्स टीम गठित करने की जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री ने आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को पुलिस व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया।
पुलिसकर्मियों के योगदान की सराहना
मुख्यमंत्री ने धार्मिक यात्राओं और बड़े आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में उत्तराखंड पुलिस की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कांवड़ यात्रा और चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने में पुलिसकर्मियों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। पुलिस स्मृति दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ पुलिस विभाग के आधुनिकीकरण और जवानों के कल्याण को लेकर सरकार की योजनाओं को भी सामने रखा गया।