यूपी चुनाव 2027: पंकज चौधरी ने राजा भैया से की मुलाकात
उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने लखनऊ में जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के प्रमुख रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया से मुलाकात की। इसे शिष्टाचार भेंट बताया गया है।
लखनऊ, 21 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक मुलाकातों का दौर जारी है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के प्रमुख और कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया से उनके लखनऊ स्थित आवास पर मुलाकात की। इस मुलाकात की जानकारी 20 अक्टूबर को सामने आई।
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मुलाकात 18 अक्टूबर को हुई थी। इसे शिष्टाचार भेंट और सद्भावना मुलाकात बताया गया। एक सूत्र के अनुसार, पंकज चौधरी ने भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारियों के तहत विभिन्न राजनीतिक नेताओं से संपर्क करने के क्रम में यह मुलाकात की।
सीटों के बंटवारे पर चर्चा नहीं
इस मुलाकात के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में इसके संभावित मायनों को लेकर चर्चा शुरू हुई। हालांकि, पीटीआई की रिपोर्ट में सूत्र के हवाले से स्पष्ट किया गया कि बैठक में 2027 विधानसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई।
इसलिए फिलहाल इस मुलाकात को भाजपा और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के बीच संभावित गठबंधन का पक्का संकेत मानना उचित नहीं होगा। दोनों दलों के बीच भविष्य में किसी चुनावी समझौते को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं की गई है।
कौन हैं राजा भैया?
रघुराज प्रताप सिंह को राजा भैया के नाम से जाना जाता है। वह प्रतापगढ़ जिले की कुंडा विधानसभा सीट से लंबे समय से विधायक हैं और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक का नेतृत्व करते हैं। उनकी पार्टी के दो विधायक हैं। दूसरे विधायक विनोद सरोज बाबागंज विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।
कुंडा और बाबागंज क्षेत्र में पार्टी की मौजूदगी के कारण राजा भैया उत्तर प्रदेश की क्षेत्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका रखते हैं।
2027 चुनाव से पहले क्यों अहम है मुलाकात?
उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा सहित विभिन्न राजनीतिक दल अपने संगठन और जनसंपर्क को मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे समय में क्षेत्रीय नेताओं से मुलाकात राजनीतिक रूप से चर्चा का विषय बन सकती है।
हालांकि, किसी मुलाकात को गठबंधन या सीटों के समझौते से जोड़ने के लिए आधिकारिक घोषणा या ठोस प्रमाण जरूरी है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पंकज चौधरी और राजा भैया की मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया गया है।