जापान के आइची-नागोया में आयोजित पैरा एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार शुरुआत की है। महिला निशानेबाजी की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा में मोना अग्रवाल ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि भारत की ही अवनि लेखरा ने रजत पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। एक ही इवेंट में गोल्ड और सिल्वर दोनों पदक भारत के खाते में आने से भारतीय दल का उत्साह बढ़ गया है।
आखिरी शॉट तक चला गोल्ड मेडल मैच
जयपुर की दोनों निशानेबाजों के बीच मुकाबला 24 शॉट के फाइनल के आखिरी शॉट तक चला। निर्णायक शॉट से पहले मोना 0.1 अंक की बढ़त पर थीं। उस समय स्कोर 239.1 और 239.2 था। मोना ने आखिरी शॉट में 10.8 अंक हासिल किए। अवनी ने 10.5 अंक बनाए।
मोना अग्रवाल ने गेम्स रिकॉर्ड के साथ जीता गोल्ड
महिला 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 के फाइनल में मोना अग्रवाल ने 250.0 अंक हासिल किए। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने पैरा एशियन गेम्स का नया रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, क्योंकि भारत की अवनि लेखरा भी लगातार उन्हें कड़ी टक्कर दे रही थीं। मोना ने महज 0.4 अंक के अंतर से अवनि को पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल किया।
अवनि लेखरा ने 249.6 अंक के साथ जीता सिल्वर
अवनि लेखरा ने फाइनल में 249.6 अंक हासिल कर रजत पदक जीता। वह भी स्वर्ण पदक के बेहद करीब रहीं, लेकिन अंतिम नतीजे में मोना उनसे आगे निकल गईं। दक्षिण कोरिया की ली युनरी ने इस स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया। भारतीय खिलाड़ियों का पहले और दूसरे स्थान पर रहना देश के लिए बड़ी उपलब्धि है।
मोना अग्रवाल का सफर संघर्ष और दृढ़ संकल्प की मिसाल है। राजस्थान के सीकर में जन्मीं मोना को बचपन में पोलियो हो गया था। इसके बावजूद उन्होंने खेलों में अपनी पहचान बनाने का प्रयास जारी रखा। उन्होंने दिसंबर 2021 में प्रतिस्पर्धी निशानेबाजी शुरू की और जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित की। वर्ष 2023 में विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतने के बाद उन्हें पहचान मिली। पेरिस पैरालंपिक 2024 में भी उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया था।
एशियन पैरा गेम्स में एक ही निशानेबाजी स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों का गोल्ड और सिल्वर जीतना यादगार उपलब्धि है। इससे भारत के पदक अभियान को मजबूत शुरुआत मिली है। मोना के रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन और अवनि की शानदार निशानेबाजी ने दिखाया कि भारतीय पैरा खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर शीर्ष स्तर की प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हैं।
दोनों खिलाड़ियों की सफलता देशभर के खेल प्रेमियों के लिए गर्व का क्षण है। अब भारतीय दल की नजरें प्रतियोगिता की अन्य स्पर्धाओं में भी बेहतर प्रदर्शन करने और अधिक पदक जीतने पर रहेंगी।