ग्रेटर नोएडा में 5 लोगों की मौत, 3 रिश्तेदार गिरफ्तार

रबूपुरा के नगला श्री पदम गांव में मिला दंपती और तीन बच्चों का शव; मोबाइल में मिली ऑडियो रिकॉर्डिंग जांच का अहम हिस्सा बनी

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ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश,19 अक्टूबर 2026।  उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के रबूपुरा थाना क्षेत्र स्थित नगला श्री पदम गांव में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस ने इस मामले में तीन रिश्तेदारों को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। जांच में पारिवारिक संपत्ति विवाद और मृतक के मोबाइल फोन में मिली ऑडियो रिकॉर्डिंग अहम बिंदु बनकर सामने आए हैं।

मृतकों में दंपती और तीन बच्चे शामिल

पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान 37 वर्षीय महेश, उनकी 35 वर्षीय पत्नी ललिता और उनके तीन बच्चों के रूप में हुई है। बच्चों में 11 वर्षीय लड्डू, 7 वर्षीय मिष्टी और 3 वर्षीय साक्षात शामिल थे। 17 अक्टूबर की सुबह परिवार के पांचों सदस्य घर के अंदर मृत पाए गए। सूचना मिलने पर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।

शुरुआत में फूड पॉइजनिंग की आशंका

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, परिवार शुक्रवार रात बाहर से लौटने के बाद खाना खाकर सोया था। परिवार के सदस्यों ने कथित तौर पर नूडल्स खाए थे और चाय भी पी थी। इसी वजह से शुरुआत में फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई गई। हालांकि, खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने तत्काल किसी खाद्य पदार्थ को मौत का निश्चित कारण नहीं माना। बाद की रिपोर्टों में पोस्टमार्टम के दौरान विषाक्त पदार्थ से मौत के संकेत मिलने की बात सामने आई। मौत की सटीक वजह निर्धारित करने के लिए पांचों के विसरा नमूने फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रखे गए हैं।

संपत्ति विवाद और ऑडियो रिकॉर्डिंग की जांच

18 अक्टूबर को सामने आई जानकारी के मुताबिक, पुलिस को महेश के मोबाइल फोन से कई ऑडियो रिकॉर्डिंग मिलीं। पुलिस के अनुसार, इन रिकॉर्डिंग में महेश ने अपनी दो बहनों और बहनोई को परिवार की परिस्थितियों के लिए जिम्मेदार ठहराया था। जांच में यह आरोप भी सामने आया कि परिवार के मकान के हस्तांतरण को लेकर विवाद चल रहा था।

पुलिस ने महेश की बहनों सुनीता और सपना तथा बहनोई शेखर को गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। आरोपों की जांच जारी है और गिरफ्तारी अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है।

फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार

पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांची। अधिकारियों के मुताबिक, जांची गई फुटेज में घटना के समय किसी बाहरी व्यक्ति के घर में प्रवेश करने का संकेत नहीं मिला। हालांकि, मौतों की परिस्थितियों और कथित विषाक्त पदार्थ की प्रकृति को लेकर अंतिम निष्कर्ष फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही निकाला जा सकेगा।

फिलहाल, पुलिस संपत्ति विवाद, ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। मौत के वास्तविक कारण और घटना में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

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