यूपी पंचायत चुनाव 2026: हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, 3 महीने में चुनाव
ओबीसी आरक्षण की प्रक्रिया के बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को पंचायत चुनाव कराने की तैयारी तत्काल आगे बढ़ाने को कहा।
प्रयागराज, उत्तर प्रदेश, 17 अक्टूबर 2026 | उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 14 अक्टूबर 2026 को महत्वपूर्ण आदेश जारी किया। न्यायमूर्ति अजीत कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने राज्य सरकार तथा राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव की तैयारियां तत्काल आगे बढ़ाने और फैसले की तारीख से तीन महीने के भीतर चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया।
अदालत ने स्पष्ट किया कि चुनाव मौजूदा आरक्षण व्यवस्था के तहत कराए जाएंगे, जिसमें अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण भी शामिल है। आयोग की रिपोर्ट लंबित होने के आधार पर ओबीसी आरक्षित सीटों को सामान्य सीटों में बदलकर चुनाव नहीं कराया जा सकता। पिछड़े वर्गों के आरक्षण से संबंधित जांच और सिफारिशों की प्रक्रिया भी जारी रहेगी।
पंचायत चुनाव में देरी का एक प्रमुख कारण ओबीसी आरक्षण निर्धारित करने की प्रक्रिया रहा है। ग्राम पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों का पांच वर्षीय कार्यकाल मई 2026 में समाप्त होने के बाद निवर्तमान प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किया गया था। अदालत ने इन नियुक्तियों को रद्द करने की मांग स्वीकार नहीं की।
अब राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग के सामने निर्धारित समयसीमा में आरक्षण, प्रशासनिक तैयारियों और चुनाव कार्यक्रम को पूरा करने की चुनौती है। हालांकि, मतदान की सटीक तारीखों की पुष्टि आधिकारिक चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद ही होगी।