दिल्ली के मोहन गार्डन में छात्र की हत्या से हड़कंप, पांच आरोपी पकड़े गए, तीन उसी स्कूल के छात्र

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नई दिल्ली, 16 अक्टूबर 2026 । दिल्ली के द्वारका जिले के मोहन गार्डन इलाके में एक सरकारी स्कूल के बाहर 12वीं कक्षा के छात्र की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। 14 अक्टूबर 2026 की शाम हुई इस घटना ने स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के मुताबिक, 17 वर्षीय छात्र पर स्कूल की छुट्टी के बाद हमला किया गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को पकड़ा है, जिनमें तीन नाबालिग हैं और मृतक के ही स्कूल में पढ़ते हैं।

जूते न पहनने की शिकायत करना बनी जानलेवा

अभय का किसी और स्टूडेंट विनीत (बदला नाम) से इस बात को लेकर झगड़ा हुआ था क्योंकि स्कूल में ड्रेस के साथ पहने जाने वाले जूते नहीं पहनने को लेकर उसने टीचर से शिकायत कर दी थी। इसको लेकर विनीत और अभय में स्कूल के अंदर बहसबाजी हुई थी। जब बुधवार शाम स्कूल की छुट्टी हुई तो अभय और विनीत अपने अपने दोस्त के साथ बाहर निकले। बाहर आते ही विनीत ने अपने ग्रुप के दोस्तों को उकसाया और अभय के साथ झगड़ा शुरू हो गया। नितेश भी उस समय अभय के साथ था और उसे भी चाकू मारा गया।

स्कूल के गेट पर हमला, अस्पताल में तोड़ा दम

यह घटना 14 अक्टूबर की शाम करीब 6:10 बजे सामने आई। पुलिस को स्कूल के पास एक छात्र को चाकू मारे जाने की सूचना मिली। घायल छात्र को उपचार के लिए तारक अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसकी जान नहीं बच सकी।

पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और फॉरेंसिक टीम की मदद से सबूत जुटाए। जांच के दौरान वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी स्कूल के गेट के पास से बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है।

पांच आरोपी पकड़े गए, तीन नाबालिग

दिल्ली पुलिस ने मामले में कुल पांच आरोपियों को पकड़ा है। इनमें तीन नाबालिग और दो वयस्क बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, तीन आरोपी उसी स्कूल के छात्र हैं, जहां मृतक पढ़ता था।

जांच में एक अन्य छात्र के साथ हुए विवाद और शिकायत की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस घटना के क्रम, आरोपियों की भूमिका और हमले के कारणों की पड़ताल कर रही है। मामले में कानूनी कार्रवाई जारी है।

स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों में छात्रों के बीच बढ़ते विवाद और हिंसक घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ा दी है। यूनिफॉर्म के जूतों जैसी छोटी बात पर शुरू हुआ विवाद जानलेवा हमले तक पहुंच गया। ऐसे मामलों में स्कूल प्रशासन, अभिभावकों और शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है, ताकि समय रहते विवादों को सुलझाया जा सके।

फिलहाल, मोहन गार्डन छात्र हत्याकांड की जांच जारी है। पुलिस की जांच से यह स्पष्ट होगा कि घटना में किस आरोपी की क्या भूमिका थी और विवाद किस तरह हिंसा में बदल गया।

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