नालंदा, 15 अक्टूबर 2026 । बिहार के नालंदा जिले में शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान हुई गोलीबारी में उत्पाद विभाग के सिपाही अजीत कुमार की मौत हो गई। बुधवार देर रात शराब से लदी पिकअप वैन का पीछा कर रही एक्साइज इंटेलिजेंस ब्यूरो (EIB) की टीम पर बदमाशों ने फायरिंग कर दी। गोली लगने से अजीत कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें पहले पावापुरी के अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद उत्पाद विभाग और स्थानीय पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।
शराब माफिया ने पीछा कर रहे कॉन्स्टेबल की हत्या की
उत्पाद अधीक्षक संजय कुमार चौधरी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पटना मुख्यालय की एक्साइज इंटेलिजेंस ब्यूरो (ईआईबी) को गुप्त सूचना मिली थी कि झारखंड से शराब की बड़ी खेप नालंदा लाई जा रही है। सूचना के आधार पर पटना से आई ईआईबी की विशेष टीम ने राजगीर उत्पाद विभाग के सब-इंस्पेक्टर और स्थानीय टीम के साथ मिलकर शराब तस्करों का पीछा करना शुरू किया।
उत्पाद विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पटना मुख्यालय स्थित एक्साइज इंटेलिजेंस ब्यूरो को सूचना मिली थी कि झारखंड से शराब की बड़ी खेप पिकअप वैन के जरिए नालंदा लाई जा रही है। सूचना के आधार पर पटना से आई विशेष टीम ने राजगीर उत्पाद विभाग के अधिकारियों और स्थानीय टीम के साथ मिलकर संदिग्ध वाहन का पीछा शुरू किया।
बताया जा रहा है कि पिकअप वैन खराट मोड़ के रास्ते नालंदा की ओर बढ़ रही थी। टीम का उद्देश्य वाहन को रोककर शराब की खेप बरामद करना और तस्करी में शामिल लोगों को पकड़ना था।
पावापुरी-सिलाव हाईवे पर हुई गोलीबारी
यह कार्रवाई पावापुरी-सिलाव और गिरियक इलाके के पास हाईवे पर एक फ्लाईओवर के समीप पहुंची, तभी टीम ने पिकअप वैन को रोकने और घेरने की कोशिश की। इसी दौरान तस्करों के लिए रेकी करने वाले एक कथित लाइनर ने पुलिस टीम पर गोली चला दी। गोली सिपाही अजीत कुमार को लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
फायरिंग के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इसी बीच आरोपी पिकअप वैन लेकर फरार हो गए। घायल सिपाही को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
घटना की पुष्टि उत्पाद अधीक्षक संजय कुमार चौधरी ने की है। अधिकारियों के अनुसार, उत्पाद विभाग और जिला पुलिस की टीमें संयुक्त रूप से आरोपियों की पहचान करने और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही हैं। हाईवे और आसपास के रास्तों पर भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
हालांकि, घटना में शामिल सभी लोगों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी को लेकर आगे की जांच अहम होगी। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता फरार आरोपियों का पता लगाना और शराब की खेप से जुड़े पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाना है।
बिहार में शराबबंदी के बीच तस्करी पर फिर सवाल
बिहार में अप्रैल 2016 से शराबबंदी लागू है। इसके बावजूद राज्य में शराब की तस्करी और अवैध कारोबार के मामले सामने आते रहे हैं। नालंदा में कार्रवाई के दौरान एक सरकारी सिपाही की मौत ने अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अभियान में सुरक्षा और तस्करी नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत को फिर सामने ला दिया है।
इस घटना में पुलिसकर्मी की मौत केवल एक आपराधिक मामले की जांच तक सीमित नहीं है। जांच के दौरान यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण होगा कि शराब की खेप कहां से लाई जा रही थी, तस्करी में किन लोगों की भूमिका थी और कार्रवाई की जानकारी आरोपियों तक कैसे पहुंची।