नैनीताल, 14 अक्टूबर 2026 । उत्तराखंड के हल्द्वानी में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नीतू बिष्ट की एक रील को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नीतू बिष्ट मां काली का स्वरूप धारण कर बाजार में घूमती और वीडियो बनाती नजर आईं। वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद कुछ धार्मिक संगठनों ने इस प्रस्तुति पर आपत्ति जताई है। करणी सेना और अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं ने हल्द्वानी कोतवाली पहुंचकर शिकायत दी और नीतू बिष्ट के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की।
इन्फ्लुएंसर नीतू बिष्ट की सोशल मीडिया में एक रील वायरल हो रही है, जिसमें मां काली का स्वरूप लेकर बाजार में घूमते हुए नजर आ रही है। इस दौरान वह कुछ छोटे बच्चों से भी बात करते हुए नजर आ रही हैं। साथ ही बच्चे को नमस्ते करने को कह रही है। काली रूप देखकर वह बच्चे के न डरने की बात कर रही है। एक जगह नीतू इसी रूप में मोमोज खाती हुई नजर आई हैं। जिसको लेकर जमकर बवाल हो रहा है।
रील में क्या दिखा, जिस पर शुरू हुआ विवाद?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वायरल वीडियो में नीतू बिष्ट मां काली की वेशभूषा में बाजार में घूमती, बच्चों से बातचीत करती और उन्हें नमस्ते करने के लिए कहती दिखाई देती हैं। वीडियो के एक हिस्से में वह इसी वेशभूषा में मोमोज खाते हुए भी नजर आती हैं।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि देवी के धार्मिक स्वरूप को इस तरह प्रस्तुत करना आपत्तिजनक है और इससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। कुछ शिकायतकर्ताओं ने यह भी दावा किया कि उनके इस रूप को देखकर बच्चे डर गए थे। हालांकि, ये आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
कौन हैं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नीतू बिष्ट?
नीतू बिष्ट एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, यूट्यूबर, मॉडल और व्लॉगर हैं। वह इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय हैं। उनके वीडियो में लाइफस्टाइल, फैशन, मनोरंजन, पारिवारिक गतिविधियों और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी सामग्री शामिल होती है।
नीतू बिष्ट अपने पति लखन अर्जुन रावत के साथ बनाए जाने वाले वीडियो के लिए भी जानी जाती हैं। दोनों की जोड़ी सोशल मीडिया पर ‘लखनीत’ नाम से लोकप्रिय है। 14 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, नीतू बिष्ट के इंस्टाग्राम पर करीब 50 लाख यानी 5 मिलियन फॉलोअर्स हैं।
करणी सेना ने पुलिस से क्या मांग की?
13 अक्टूबर को करणी सेना युवा शक्ति संगठन की महिला जिला अध्यक्ष योगिता बनोला के नेतृत्व में कार्यकर्ता हल्द्वानी कोतवाली पहुंचे। संगठन ने पुलिस को शिकायती पत्र सौंपकर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) के तहत कार्रवाई की मांग की।
संगठन का कहना है कि धार्मिक प्रतीकों और देवी-देवताओं के स्वरूप का इस्तेमाल करते समय उनकी गरिमा का ध्यान रखा जाना चाहिए। कार्यकर्ताओं ने शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
14 अक्टूबर 2026 को उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, संगठन की ओर से पुलिस को शिकायत सौंपकर FIR दर्ज करने की मांग की गई थी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में प्राथमिकी दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की ओर से जांच या आगे की कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
इस मामले में शिकायतकर्ताओं के आरोपों और कानूनी निष्कर्ष के बीच अंतर करना जरूरी है। किसी शिकायत के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता; मामले में कानून के अनुसार जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।