हरियाणा में रिटायर्ड शिक्षक की पेंशन रोकने पर हाई कोर्ट सख्त

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हरियाणा , 13 अक्टूबर 2026 । हरियाणा में सेवानिवृत्त शिक्षक की पेंशन रोके जाने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। मामला सेवानिवृत्त शिक्षक ललित भारद्वाज से जुड़ा है, जिनकी पेंशन अप्रैल 2026 में रोक दी गई थी। शिक्षक का कहना है कि उनकी B.Ed डिग्री को लेकर धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था, लेकिन जांच के दौरान संबंधित विश्वविद्यालय ने डिग्री को सही बताया। इसके बावजूद उनकी पेंशन रोक दी गई। अदालत ने मामले में सरकार का पक्ष जानने के लिए सुनवाई की और अगली तारीख 17 नवंबर 2026 तय की है।

जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की पीठ के समक्ष दायर याचिका में भारद्वाज ने बताया कि उन्होंने भारतीय सेना में 12 वर्ष से अधिक सेवा की। चिकित्सा आधार पर सेना से छुट्टी मिलने के बाद वह शिक्षा विभाग में शिक्षक नियुक्त हुए। सेना में रहते हुए वर्ष 1991 में उन्होंने नियमानुसार अपना नाम लाला राम से बदलकर ललित भारद्वाज किया था। यह बदलाव सेना के पार्ट-दो आदेश से अधिसूचित हुआ था।

याचिकाकर्ता के अनुसार, उन्होंने शिक्षा विभाग में 20 वर्ष से अधिक सेवा की और उनका सेवा रिकॉर्ड बेदाग रहा। वह 13 अप्रैल 2022 से पीजीटी अंग्रेजी के पद पर पदोन्नत हुए और 31 दिसंबर 2024 को सेवानिवृत्त हुए। द्वितीय एसीपी लाभ की मांग विभाग ने स्वीकार नहीं की।

बीएड डिग्री और अन्य शैक्षणिक प्रमाणपत्रों में नाम अलग होने के आरोप में 17 जनवरी 2026 को भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत एफआइआर दर्ज हुई थी। जांच के दौरान संबंधित विश्वविद्यालय ने डिग्री सही बताई। जांच अधिकारी ने तीन जुलाई 2026 को न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष रद्द करने की रिपोर्ट पेश की। शिकायतकर्ता ने भी रिपोर्ट के निष्कर्षों से सहमति जताई थी।

सरकार ने अदालत में क्या पक्ष रखा?

सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि पुलिस की रिपोर्ट के खिलाफ आपत्ति दायर की गई है। शिकायतकर्ता ने यह आरोप भी लगाया कि जांच अधिकारी ने दबाव डालकर उससे संतोषजनक रिपोर्ट पर हस्ताक्षर कराए थे। रिपोर्टों के अनुसार, इस मामले से संबंधित शिकायत लोकायुक्त के समक्ष भी लंबित है।

इस तरह मामले में एक ओर शिक्षक की ओर से डिग्री सही होने और पेंशन रोके जाने पर सवाल उठाए गए हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार ने जांच रिपोर्ट को चुनौती दी है। अदालत को इन सभी पहलुओं पर विचार करना होगा।

17 नवंबर को होगी अगली सुनवाई

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने मामले में आगे की दलीलों के लिए 17 नवंबर 2026 की तारीख निर्धारित की है। अगली सुनवाई में पेंशन रोके जाने के आधार, जांच रिपोर्ट और सरकार की आपत्तियों से जुड़े पहलुओं पर आगे विचार हो सकता है।

फिलहाल अदालत ने सरकार से जवाब मांगा है। इसे पेंशन बहाल करने का अंतिम आदेश नहीं माना जाना चाहिए। मामले का अंतिम परिणाम आगे की सुनवाई और अदालत के आदेश पर निर्भर करेगा।

हरियाणा के सेवानिवृत्त शिक्षक ललित भारद्वाज की पेंशन रोके जाने का मामला अब हाई कोर्ट में विचाराधीन है। याचिकाकर्ता ने नाम परिवर्तन और B.Ed डिग्री से जुड़े विवाद को पेंशन रोकने का आधार बनाए जाने पर सवाल उठाए हैं। वहीं, सरकार ने पुलिस की जांच रिपोर्ट पर आपत्ति दर्ज कराई है। अब 17 नवंबर 2026 को होने वाली सुनवाई पर नजर रहेगी, जिसमें मामले की आगे की दिशा स्पष्ट हो सकती है।

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