भागवत कथा सुनने अयोध्या पहुंचे अखिलेश यादव

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लखनऊ , 08 अक्टूबर 2026 । समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आज अयोध्या पहुंचे हैं। उनका यह दौरा पूर्व मंत्री और पूर्व अयोध्या विधायक तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय के आवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में शामिल होने के लिए है। कार्यक्रम अयोध्या धाम से करीब 12 किलोमीटर दूर कृष्णापुर-खानपुर रसूलाबाद गांव में आयोजित किया गया है।

अखिलेश के दौरे के बीच ये सवाल उठ रहे थे कि क्या अयोध्या पहुंचकर अखिलेश रामलला के दर्शन करेंगे। लेकिन जारी कार्यक्रम के अनुसार साफ है कि अखिलेश रामलला के दर्शन नहीं करेंगे। माना जा रहा है कि चुनावी साल में अखिलेश बाद में अयोध्या राम मंदिर के दर्शन करने आ सकते हैं।

पवन पांडेय के घर आयोजित है भागवत कथा

पवन पांडेय की ओर से आठ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया गया है। अखिलेश यादव इसी धार्मिक कार्यक्रम के अंतिम दिन कथा में शामिल होने पहुंचे हैं। कार्यक्रम में भगवान कृष्ण से जुड़ी कथा और धार्मिक प्रवचन हो रहे हैं, जबकि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की जानकारी भी सामने आई है।

अखिलेश यादव का अयोध्या प्रवास काफी सीमित रखा गया है। उपलब्ध कार्यक्रम के मुताबिक उनका हेलीकॉप्टर पुरसाए रामलीला मैदान के हेलीपैड पर उतरा और वहां से वह सड़क मार्ग से कार्यक्रम स्थल पहुंचे।

अखिलेश यादव के जारी कार्यक्रम में राम मंदिर जाकर रामलला के दर्शन करने का उल्लेख नहीं है। इसी वजह से उनके अयोध्या दौरे को लेकर राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई है। हालांकि, इसे रामलला के दर्शन से किसी स्थायी दूरी के तौर पर पेश करना सही नहीं होगा।

सपा की ओर से बताया गया है कि अखिलेश यादव नवंबर में अयोध्या आ सकते हैं और उस दौरान राम मंदिर तथा हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन का कार्यक्रम बन सकता है। यह नवंबर का संभावित कार्यक्रम है, जिसकी अंतिम पुष्टि अलग से होनी बाकी है।

अखिलेश यादव के हनुमानगढ़ी जाने को लेकर भी रिपोर्टों में अंतर है। कुछ रिपोर्टों में पार्टी पदाधिकारियों के हवाले से उनके हनुमानगढ़ी जाने की बात कही गई थी, जबकि 8 अक्टूबर के ताजा कार्यक्रम विवरण में उनका मुख्य कार्यक्रम भागवत कथा में शामिल होने का ही बताया गया है। इसलिए फिलहाल हनुमानगढ़ी दर्शन को निश्चित कार्यक्रम के रूप में नहीं माना जा सकता।

2027 चुनाव से पहले अयोध्या दौरे पर नजर

अखिलेश यादव का अयोध्या दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। खास बात यह है कि भागवत कथा का आयोजन अयोध्या विधानसभा क्षेत्र से सपा के घोषित प्रत्याशी पवन पांडेय के आवास पर हो रहा है।

ऐसे में अखिलेश यादव का यहां पहुंचना धार्मिक कार्यक्रम में भागीदारी के साथ-साथ स्थानीय संगठन और पार्टी कार्यकर्ताओं के लिहाज से भी चर्चा में है। हालांकि, उनके दौरे का घोषित उद्देश्य भागवत कथा में शामिल होना ही है।

अयोध्या में धार्मिक कार्यक्रम पर सियासी चर्चा

अखिलेश यादव के अयोध्या पहुंचने से पहले ही राम मंदिर दर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई थी। कुछ भाजपा नेताओं ने उनके राम मंदिर नहीं जाने को मुद्दा बनाया, जबकि सपा नेताओं ने कहा कि अयोध्या किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है।

सपा नेताओं के मुताबिक अखिलेश यादव का दौरा पहले से तय धार्मिक कार्यक्रम के कारण है और नवंबर में राम मंदिर व हनुमानगढ़ी दर्शन की योजना पर भी बात सामने आई है। ऐसे में मौजूदा दौरे को लेकर अलग-अलग राजनीतिक व्याख्याओं के बजाय घोषित कार्यक्रम और आधिकारिक पुष्टि को आधार बनाना महत्वपूर्ण है।

अखिलेश के अयोध्या दौरे से बढ़ी राजनीतिक हलचल

अयोध्या उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से महत्वपूर्ण केंद्र रही है। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव का यहां धार्मिक आयोजन में शामिल होना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि कार्यक्रम सपा के स्थानीय प्रमुख चेहरे पवन पांडेय के आवास पर आयोजित किया गया है।

फिलहाल अखिलेश यादव के इस दौरे का केंद्र भागवत कथा है। रामलला और हनुमानगढ़ी दर्शन को लेकर नवंबर की संभावित योजना की चर्चा है, लेकिन उसके लिए अंतिम कार्यक्रम का इंतजार करना होगा।

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