यूपी पुलिस भर्ती की दौड़ में दो युवाओं की मौत, मथुरा के अतुल और शामली के विवेक ने तोड़ा दम; 12 अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ी

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गाजियाबाद , 07 अक्टूबर 2026 । गाजियाबाद में यूपी पुलिस सिपाही भर्ती के फिजिकल टेस्ट के दौरान दर्दनाक हादसा सामने आया है। गोविंदपुरम स्थित 47वीं वाहिनी पीएसी के मैदान में दौड़ के दौरान दो अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ गई। दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतकों में एक अभ्यर्थी मथुरा और दूसरा शामली का रहने वाला था।

इस घटना के बाद भर्ती प्रक्रिया में शामिल अभ्यर्थियों और उनके परिवारों में चिंता का माहौल है। मंगलवार को भी कई अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा।

तीन अक्टूबर से चल रही आरक्षी की दौड़

डीसीपी मुख्यालय बलवंत चौधरी ने बताया कि गोविंदपुरम में स्थित 47वीं वाहिनी पीएसी के मैदान में तीन अक्टूबर से आरक्षी की दौड़ चल रही है। सोमवार सुबह दौड़ते समय मथुरा निवासी अभ्यर्थी अतुल कुमार बेहोश हो गए। उन्हें संजय नगर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां से दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां अतुल ने दम तोड़ दिया। वहीं, मंगलवार की सुबह दौड़ पूरी करते समय शामली निवासी अभ्यर्थी विवेक कुमार राणा की मौत हो गई।

मथुरा के अतुल कुमार की पहले बिगड़ी थी तबीयत

मथुरा जिले के रहने वाले अतुल कुमार यूपी पुलिस में भर्ती होने के लिए फिजिकल टेस्ट देने गाजियाबाद पहुंचे थे। दौड़ के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह मैदान में बेहोश हो गए।

उन्हें तत्काल संजय नगर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया। इलाज के दौरान अतुल की मौत हो गई। पुलिस ने परिवार को घटना की जानकारी दी।

शामली के विवेक कुमार भी दौड़ के दौरान गिरे

दूसरी घटना मंगलवार सुबह हुई। शामली जिले के पुरमाफी गांव के रहने वाले 23 वर्षीय विवेक कुमार पुलिस भर्ती की दौड़ में शामिल हुए थे। दौड़ के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह मैदान में गिर पड़े।

विवेक को तुरंत संयुक्त जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, परिवार को सूचना दे दी गई है।

रिपोर्टों के मुताबिक, विवेक ने भर्ती परीक्षा में 266 अंक हासिल किए थे और पुलिस की वर्दी पहनने का सपना देख रहे थे। उनके परिवार ने बताया कि वह नियमित रूप से खेल और शारीरिक अभ्यास करते थे।

12 अन्य अभ्यर्थियों की भी तबीयत बिगड़ी

दौड़ के दौरान केवल दो मौतों की घटना नहीं हुई। मंगलवार को करीब 12 अन्य अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

कुछ अभ्यर्थियों ने सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, कमजोरी और पैरों में तकलीफ की शिकायत की। अस्पताल में डॉक्टरों ने जरूरत के मुताबिक उनका उपचार किया। कुछ अभ्यर्थियों के पैरों में चोट और फ्रैक्चर की भी जानकारी सामने आई है।

इससे भर्ती मैदान में स्वास्थ्य सुविधाओं और अभ्यर्थियों की मेडिकल निगरानी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

4.8 किलोमीटर दौड़ पूरी करनी होती है

यूपी पुलिस आरक्षी भर्ती के फिजिकल टेस्ट में पुरुष अभ्यर्थियों को 4.8 किलोमीटर की दौड़ निर्धारित समय में पूरी करनी होती है। रिपोर्टों के मुताबिक, पुरुष उम्मीदवारों के लिए यह दूरी 24 मिनट में पूरी करना जरूरी है, जबकि महिला अभ्यर्थियों के लिए 2.4 किलोमीटर की दौड़ का प्रावधान है।

गाजियाबाद में भर्ती प्रक्रिया 3 अक्टूबर से शुरू हुई है। रोजाना बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाया जा रहा है।

दोनों अभ्यर्थियों की मौत को लेकर फिलहाल पुलिस ने दौड़ के दौरान तबीयत बिगड़ने की बात कही है। कुछ रिपोर्टों में हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट की आशंका का उल्लेख किया गया है, लेकिन आधिकारिक तौर पर मौत की अंतिम वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।

इसलिए फिलहाल किसी एक कारण को मौत के लिए जिम्मेदार बताना जल्दबाजी होगी। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

मथुरा के अतुल और शामली के विवेक के परिवारों ने अपने बेटों को पुलिस की वर्दी में देखने का सपना देखा था। भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए दोनों परिवारों ने उन्हें गाजियाबाद भेजा था।

लेकिन भर्ती मैदान से लौटने के बजाय दोनों युवाओं के शव घर पहुंचे। इस घटना ने परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

भर्ती प्रक्रिया की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

दो अभ्यर्थियों की मौत और कई अन्य की तबीयत बिगड़ने के बाद भर्ती मैदान में मेडिकल सुविधाओं, पानी, आराम और दौड़ के दौरान निगरानी जैसे मुद्दे चर्चा में हैं।

बड़ी संख्या में युवाओं के एक साथ शारीरिक परीक्षण में शामिल होने के कारण आयोजकों के सामने भीड़ प्रबंधन और स्वास्थ्य सुरक्षा की चुनौती रहती है। ऐसे में अभ्यर्थियों की मेडिकल जांच और दौड़ के दौरान तत्काल चिकित्सा सहायता की व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।

फिलहाल पुलिस भर्ती प्रक्रिया जारी है और दोनों मौतों की परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की चिकित्सकीय वजह को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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