आस्था कुंज गैंगरेप मामले के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर बढ़ा फोकस

एलजी तरनजीत सिंह संधू ने महिला कॉलेजों की प्रिंसिपलों के साथ की हाई लेवल मीटिंग

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नई दिल्ली, 01 अक्टूबर 2026 । दिल्ली में आस्था कुंज गैंगरेप मामले के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है। महिलाओं की सुरक्षा और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने महिला कॉलेजों की प्रिंसिपलों के साथ हाई लेवल मीटिंग की। इस बैठक में महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दों, छात्राओं की समस्याओं और सुरक्षा उपायों को लेकर चर्चा किए जाने पर जोर रहा। मामले के बाद महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की जवाबदेही और निगरानी व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

एलजी संधू ने की हाई लेवल मीटिंग

एलजी तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में दिल्ली यूनिवर्सिटी के कुलपति (VC), डीन, LSR, मिरांडा हाउस, गार्गी, इंद्रप्रस्थ और दौलत राम जैसे 10 प्रमुख महिला कॉलेजों के प्रिंसिपलों के अलावा पुलिस, MCD, PWD, और ट्रांसपोर्ट विभाग के स्पेशल CP, जॉइंट CP, DCP, सेक्रेटरी और एडिशनल कमिश्नर स्तर के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

मीटिंग में एलजी ने दिए आदेश

छात्राओं द्वारा उठाई गई ई-रिक्शा चालकों की मनमानी, अंधेरे रास्तों, अतिक्रमण और सुरक्षा की कमी जैसी समस्याओं के हल के लिए LG ने कई कड़े निर्देश जारी किए। PWD और MCD को स्ट्रीट लाइटें ठीक करने, अवैध कब्जे, पुरुषों के टॉयलेट व कूड़ा-घर हटाने और बाउंड्री वॉल की अवैध पेंटिंग साफ करने का आदेश दिया गया। वहीं पुलिस को गश्त बढ़ाने, पिंक बूथ स्थापित करने, हर कॉलेज के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी तैनात करने को कहा गया है।

महिला कॉलेजों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा पर जोर

महिला कॉलेजों में पढ़ने वाली छात्राओं की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। कॉलेज परिसर के साथ-साथ आने-जाने वाले रास्तों, सार्वजनिक परिवहन और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना भी जरूरी है। ऐसी बैठकों के माध्यम से संस्थानों के प्रमुखों से सुरक्षा संबंधी समस्याओं और सुधार की जरूरतों पर जानकारी ली जा सकती है।

छात्राओं की शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई, सुरक्षा संबंधी जागरूकता और संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल जैसे विषय भी महिला सुरक्षा के व्यापक प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस घटना के बाद महिला सुरक्षा, सार्वजनिक स्थानों की निगरानी और छात्राओं के लिए सुरक्षित वातावरण जैसे मुद्दे चर्चा में हैं। ऐसे मामलों में त्वरित जांच, पीड़ित को सहायता और कानून के अनुसार कार्रवाई के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा उपायों की आवश्यकता होती है।

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